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बर्बाद हो गईं हजारों की मिठाइयां

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नगर के सहादतपुरा बाजार में बंद मिठाई की दुकान। - फोटो : MAU
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मऊ। जिले में लाकडाउन के बाद नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों की मिठाई की दुकानों में रखी हजारों रुपये मूल्य की मिठाइयां खराब हो गई। दुकान बंद हुए 23 दिन हो गए। इससे दुकानदारों को प्रतिदिन लगभग पांच से 10 हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके साथ ही दुकानों पर कार्यरत कर्मचारियों का खर्च भी वहन सहना पड़ रहा। नगर सहित जिले में प्रमुख 150 से अधिक मिठाई की दुकानें हैं। इसके अलावा चट्टी चौराहों पर सैकड़ों दुकानें हैं। पहले चरण के लाकडाउन होने की घोषणा के बाद दुकानों के स्टाक में रखी हजारों की मिठाइयां बर्बाद हो गईं। 21 दिन के लाकडाउन होने की घोषणा होने के बाद दुकानदारों ने जहां तक हो सका दुकान के आसपास इलाकों में इन्हें वितरित कर दिया। इसके बाद भी प्रत्येक दुकानों पर हजारों की मिठाइयां बच जाने से वह बर्बाद हो गई। दुकानदारों की मानें तो दुकान बंद हुए 23 दिन हो गए। प्रतिदिन लगभग पांच से 10 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। दुकानों पर कार्यरत कर्मचारियों का खर्च भी उठाना पड़ रहा है। दुकानों पर प्रतिदिन लगभग 50 से डेढ़ कुंतल दूध की खपत होती थी। इससे दूध की खपत पर भी ब्रेक लग गया। कारोबार बंद होने से दुकानदारों के समक्ष आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। नगर के मिर्जाहादीपुरा के मिठाई विक्रेता संजय कुमार गुप्ता, दुर्गेश मद्धेश्यिा और प्रिंस गुप्ता ने बताया कि स्टाक में रखी मिठाइयां बांट दी गई। प्रतिदिन पांच से 10 हजार का नुकसान उठाना पड़ रहा है। गणेश यादव कहते हैं कि दुकान बंद है ऐसे में कर्मचारियों का खर्च भी उठाना पड़ रहा है। मझवारा बाजार के मिठाई विक्रेता घूरा मद्धेशिया और घोसी कस्बे के संजय मद्धेशिया बताते हैं कि लाकडाउन से उनके कारोबार पर खासा असर पड़ा है। आर्थिक चोट इतनी है कि आने वाले कई माह लग जाएंगे कारोबार को पटरी पर लाने में। मधुबन के आशीष मद्धेशिया और रितिक मद्धेशिया कहते हैं कि बंदी से प्रतिदिन खासा नुकसान होने से आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।
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