बलिया को सीधे रेवरीडीह फोरलेन से जोड़ने के लिए प्रस्तावित नए फोरलेन बाईपास का सर्वे कार्य शुरू हो गया है। यह परियोजना मऊ शहर में भारी वाहनों के दबाव को कम करेगी। इससे शहर में जाम की समस्या कम होगी और सड़क दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है।
सर्वे कार्य रविवार को गोधपुर हाईवे के पास शुरू हुआ। सर्वेयर अमरजीत ने बताया कि प्रस्तावित फोरलेन का उद्देश्य बलिया और मऊ के बीच तेज और सुगम संपर्क स्थापित करना है। वर्तमान में भारी वाहनों को मऊ शहर के बीच से गुजरना पड़ता है।
इससे यातायात का दबाव बढ़ता है और लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ता है। बाईपास बनने के बाद भारी वाहनों का आवागमन शहर के बाहर से ही होगा।
परियोजना के दायरे में रेवरीडीह, डाड़ी खास, कटवास, ढोणापुर और सिकटिया समेत कई गांवों की भूमि प्रभावित होगी। इन गांवों में सर्वे का कार्य जारी है। सर्वे पूरा होने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
किसानों का सकारात्मक रुख
प्रारंभिक स्तर पर अधिकांश किसान परियोजना के प्रति सकारात्मक रुख अपना रहे हैं। वे क्षेत्र के विकास के लिए अपनी जमीन देने की बात कह रहे हैं। सर्वेयर अमरजीत ने बताया कि मौजूदा संकरी सड़क पर भारी यातायात के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। नया फोरलेन बनने से यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम होगा। फोरलेन के निर्माण से बलिया और मऊ के बीच यात्रा का समय कम होगा। मऊ शहर में जाम की समस्या से राहत मिलेगी। स्थानीय लोगों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध होगी। सर्वे कार्य पूरा होने के बाद भूमि अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद परियोजना के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।