कस्बे की किसान सहकारी चीनी मिल गन्ने के अभाव में 12 फरवरी को बंद हो जाएगी। इसको लेकर किसानों से गन्ना खरीद पर्ची मुक्त कर दिया गया है। अस्वीकृत प्रजाति का गन्ना अगली पेराई सत्र से नहीं लिया जाएगा इसलिए सभी किसान इस तरह के प्रजाति के गन्ना जल्द से जल्द मिल को बेच दें। चीनी मिल ने किसानों से खरीदे गए 10 जनवरी तक का गन्ना मूल्य उनके बैंक खातों में भेज दिया है।
किसान सहकारी चीनी मिल घोसी जनपद की एक मात्र बड़ी औद्योगिक प्रतिष्ठान है। वर्तमान पेराई सत्र 15 नवंबर को प्रारंभ हुआ था। अब तक 15 लाख 33 हजार क्विंटल गन्ना पेरने के साथ मिल ने एक लाख 25 हजार क्विंटल चीनी का उत्पादन 8.55 प्रतिशत की दर से किया है। छह फरवरी से पूर्व तक सफाई को छोड़ कर मिल अबाध रूप से गन्ना की पेराई कर रही थी। गन्ना की आपूर्ति कम होने के कारण मिल को कई बार बंद करना पड़ा।
इस संबंध में प्रधान प्रबंधक केएम सिंह ने बताया कि मिल में गन्ना की कम आपूर्ति के चलते कई बार मिल बंद हो गई। इसको लेकर गन्ना खरीद को पर्ची मुक्त कर दिया गया है। साथ ही नोटिस चस्पा कर दिया गया है कि किसान अपना गन्ना 12 फरवरी तक मिल को बेच दें। इसके बाद मिल बंद कर दी जाएगी। अस्वीकृत प्रजाति का गन्ना अगली पेराई सत्र से नहीं लिया जाएगा। इसलिए किसान अस्वीकृत प्रजाति का गन्ना मिल को बेच दें। अगैती प्रजाति का गन्ना जो खेतों में है उसमें से बुआई के लिए छोड़ कर बाकी को भी मिल को बेच दें।