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Mau News: दारा के प्रति आक्रोश का सुधाकर को मिलेगा फायदा

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मऊ /घोसी। घोसी उपचुनाव में हुए उलटफेर के दूरगामी परिणाम होने की जानकार बात कर रहे। स्थानीय को प्राथमिकता देते हुए जनता ने सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह को बड़ी जीत दिलाई है। माना जा रहा है कि 2024 लोकसभा को लेकर भी सकारात्मक संदेश इस जनादेश में है। 2017 से 2023 तक चार बार चुनाव, इसको लेकर जनता अपने आपको ठगा महसूस करने लगी। इस बार सपा से दारा सिंह का इस्तीफा और भाजपा में शामिल होना जनता को रास नहीं आया। सपा के टिकट पर दारा सिंह ने एक वर्ष पहले ही चुनाव जीता था। ऐसे में जनता के बीच दारा सिंह ने अपनी विश्वसनीयता खो दी। इस बार के उपचुनाव में सपा ने उनकी छवि को दलबदलू और बाहरी के रूप में पेश की। जनता ने भी इसको सही माना।
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जबकि, सुधाकर के स्थानीय निवासी होने तथा चार दशक से एक ही पार्टी का कार्यकर्ता और जनता के बीच उपलब्ध रहने के कारण उनको मजबूती मिली। बार-बार चुनाव से आजिज हर वर्ग के लोगों ने सुधाकर के पक्ष में मतदान किया। स्थानीय-बनाम बाहरी नारे का इस स्तर तक असर रहा कि भाजपा के कई मतदाता तो मतदान करने भी नहीं निकले। यही वजह रही कि बीते 2020 चुनाव के सापेक्ष इस बार छह फीसदी कम यानी 50.30 फीसदी मतदान हुआ।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। विधानसभा के साथ ही घोसी, जिले की एकमात्र लोकसभा सीट है। ऐसे में सुधाकर सिंह की जीत सपा बनाम भाजपा कम, एनडीए बनाम आईएनडीआईए (इंडिया) थी। माना जा रहा है कि अब बाहरी प्रत्याशियों के लिए लड़ाई मुश्किल भरी होगी।
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घोसी के उपचुनाव ने साफ कर दिया है कि अब जनता स्थानीय प्रत्याशियों को प्राथमिकता देगी। अगर हम बाहरी प्रत्याशियाें के जीत के आंकड़े देखें तो वर्तमान घोसी सांसद अतुल राय मूलत: गाजीपुर जिले के निवासी हैं। वहीं, इससे पूर्व सांसद रहे हरिनारायण राजभर भी बलिया जिले के निवासी थे। 2022 में विधानसभा चुनाव जीते दारा सिंह चौहान आजमगढ़ जिले के निवासी हैं। ऐसे में अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर यहां से चुनाव लड़ने वाले बाहरी प्रत्याशियों के लिए यह चुनाव किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं।
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