मऊ। गर्मी का मौसम शुरू हो गया है। परिषदीय विद्यालयों के कई हैंडपंपों से प्रदूषितजल निकल रहा है। जल जीवन मिशन योजना के तहत बिजली कनेक्शन और हैंडपंप लगे जिले के 830 परिषदीय विद्यालयों में सबमर्सिबल लगाए जाएंगे। योजना का सही मायने में मूर्त रूप दिया गया तो जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को शुद्ध पानी के लिए इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
जिले मेें 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1.56 लाख बच्चे पढ़ते हैं। गर्मी का मौसम शुरू हो गया है। दर्जनों परिषदीय विद्यालयों में लगे हैंडपंप प्रदूषित पानी उगल रहे हैं। एमडीएम का भोजन करने ने बाद बच्चों को पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है। शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 100 दिन अभियान योजना के तहत बिजली कनेक्शन और हैंडपंप लगे विद्यालयों में सबमर्सिबल लगाए जाने का निर्देश जारी किया है। नगर सहित ब्लाकों के विद्यालयों पर नजर डाला जाए तो नगर में 15,फतहपुर मंडाव ब्लाक में 95, रतनपुरा ब्लाक में 99, मुहम्मदाबादगोहना ब्लाक में 89, रतनपुरा ब्लाक में 84, घोसी में 89, दोहरीघाट 85, परदहां ब्लाक में 94, बड़रांव ब्लाक में 100, रानीपुर में 80 समेत 830 परिषदीय विद्यालयों को चिह्नित किया गया है।
शासन की तरफ से कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी गई है। हैंडपंप में सबमर्सिबल लगाने के बाद पीवीसी टैंक स्थापित किया जाएगा और उसमें चार टोंटिया भी लगाई जाएंगी। शासन की तरफ से शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतार दिया गया तो बच्चों को शुद्ध पानी की समस्या से निजात मिल जाएगी। इस बाबत नोडल अधिकारी और जिला समन्वयक निर्माण अजीत तिवारी का कहना है कि जल जीवन मिशन योजना के तहत बिजली कनेक्शन और हैंडपंप लगे 830 परिषदीय विद्यालयों में सबमर्सिबल लगाए जाएंगे।