जिले के माध्यमिक विद्यालयों में अध्यनरत छात्र छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और उनकी मनोवैज्ञानिक समस्याओं को समझने और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए विद्यालयों में मेंटल काउंसिलिंग कक्ष स्थापित किए जाएंगे। विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं के समाधान के लिए पेटिका रखी जाएगी। साथ ही शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को टेली मानस एप की जानकारी देकर इसे डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जिले में 17 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त और 422 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय हैं। शासन की तरफ से विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने की कवायद तेजी से चल रही है। विद्यालयों में वेलनेस क्लब गठित कर विभिन्न जागरुकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रमों मेें मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित पोस्टर, पंफलेट, वीडियो और शैक्षिक सामग्री प्रदर्शित होगी।
विद्यार्थियों के जिज्ञासाओं के समाधान के लिए कक्ष में पेटिका रखी जाएगी,जिसमें छात्र अपनी समस्याएं और सवाल लिखकर डाल सकेंगे। नोडल शिक्षक और काउंसलर समय पर इन सवालों का समाधान करेंगे। शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को केंद्र सरकार के टेली मानस एप की जानकारी देकर इसे डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
विद्यार्थियों के बेहतर स्वास्थ्य और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करने के लिए जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी किया गया है। - सीपी श्रीवास्तव, जिला समन्वयक समग्र शिक्षा माध्यमिक।