इंदारा स्थित श्री जगरूप यादव स्मारक विधि महाविद्यालय।संवाद
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मऊ। इंदारा में सरकारी भूखंडों पर एक ही कैंपस में स्थापित तीन महाविद्यालयों के भवनों को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया तो विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट खड़ा हो जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से महाविद्यालय की संबद्धता खत्म करने के साथ ही विद्यार्थियों को आसपास के महाविद्यालयों में दाखिला दिलवाने की तैयारी चल रही है। छात्र छात्राएं विवि प्रशासन की गाइडलाइन का इंतजार कर रहे हैं। इंदारा स्थित सरकारी जमीन पर एक ही कैंपस में डॉ. भीमराव आंबेडकर महाविद्यालय, डॉ. भीमराव आंबेडकर बीएड महाविद्यालय तथा जगरूप विधि महाविद्यालय स्थापित हैं। विधि संकाय में लगभग 1200 छात्र-छात्राएं हैं। लगभग दो दशक से अधिक समय पर इस जमीन पर महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। लेकिन प्रशासन तो क्या विश्वविद्यालय को इसकी भनक नहीं लग सकी। उच्च न्यायालय के आदेश पर मामला प्रकाश में आया तो लोग भौचक रह गए।
उधर, कालेज कैंपस मेें मंगलवार को सन्नाटा पसरा रहा। जिला प्रशासन 19 सितंबर को इन तीनों महाविद्यालयों पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर देगा। ऐसे में अध्ययनरत छात्र छात्राओं को अपने भविष्य की चिंता सता रही है। महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के दाखिले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से एडवाइजरी जारी नहीं की जा सकी है। छात्र छात्राएं भी अपनी प्रतिक्रिया देने से कन्नी काट रहे हैं। महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय आजमगढ़ के कुलपति डॉ. पीके शर्मा ने बताया कि तीनों महाविद्यालयों के भवन गिराए जाने के बाद विश्वविद्यालय से उनकी संबद्धता खत्म कर दी जाएगी। महाविद्यालयों के छात्र छात्राओं को आसपास के महाविद्यालयों में दाखिला दिलाया जाएगा।