मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के बाहर भूख हड़ताल के दौरान बेहोश पड़ा छात्र रोहित। संवाद
गोंड जाति का प्रमाणपत्र जारी करने की मांग लेकर मुहम्मदाबाद गोहना तहसील गेट के बाहर लगातार छठवें दिन भी धरना जारी रहा। सोमवार को मुस्कान, अनुष्का, आंचल, लक्ष्मी, उजाला, कृपाल, रोहित, आशुतोष, कौशल, नंदिनी, शुभम और प्रतीक सहित 16 छात्र-छात्राएं 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठ गए।
मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। धरनास्थल पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनाती की गई है। ये आंदोलन दिनों दिन और तेज होता जा रहा है। मऊ सहित आसपास के जिलों से भी लोग पहुंचकर संख्या बढ़ा रहे हैं।
महिलाएं गोड़ऊ गीत गाकर ठंड भरी रात गुजार रही हैं। सोमवार की सुबह से भूख हड़ताल पर बैठा छात्र रोहित बेहोश होकर गिर पड़ा। एंबुलेंस बुलाकर आनन फानन उसे अस्पताल भेजवाया गया।
धरने पर बैठे लोगों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व जिलाधिकारी द्वारा गोंड जाति के प्रमाण पत्र जारी करने का आश्वासन दिया गया था। तय समय सीमा के भीतर प्रमाणपत्र बनाए जाने की बात कही गई थी, लेकिन इस संबंध में कोई कारईवाई नहीं हुई।
आदेश की अवधि खत्म होते ही समाज के लोग मजबूर होकर धरने पर बैठ गए। कई बार अधिकारी धरनास्थल पर पहुंचकर एक दो दिन का समय मांगते हैं और आंदोलन को टालने का प्रयास करते हैं, जिससे समाज में असंतोष और अधिक बढ़ गया है।
धरनारत लोगों ने कहा है कि जब तक उन्हें गोंड जाति का प्रमाणपत्र नहीं मिल जाता, तब तक उनका धरना अनवरत जारी रहेगा। यह भूख हड़ताल केवल 24 घंटे की है, लेकिन यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो आने वाले दिनों में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस दौरान यदि किसी आंदोलनकारी को कोई नुकसान होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला और तहसील प्रशासन की होगी।