पीडीडीयू नगर। पं.दीनदयाल उपाध्याय नगर स्थित जीटी रोड छुट्टा पशुओं की शरणस्थली बन चुका है। सड़क में बीचोबीच बैठे पशुओं के चलते हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा शहर की गलियों में भी पशुओं की भरमार हो गई है। हर रोज शहर में 150 से अधिक छुट्टा पशु विचरण करते रहते हैं। नगर में छुट्टा पशुओं की यह स्थिति तब है, जब पालिका की ओर से हर रोज इन्हें पकड़ने का दावा किया जाता है। सड़क पर घूम रहे निराश्रित पशुओं के सरंक्षण के लिए मुख्यमंत्री काफी सख्त हैं। इसके बावजूद सड़क पर पशुओं की संख्या में कमी नहीं हो रही है। सबसे खराब स्थिति नगर पालिका क्षेत्र की है। नगर स्थित रेलवे ओवरब्रिज से सुभाष पार्क तक सड़क पर दिन रात पशु सड़क पर घूमते रहते हैं। यहां सड़क पर 10 से 15 पशु विचरण करते मिल जाएंगे। सबसे खतरनाक स्थिति तो कोतवाली के सामने की है। सब्जी मंडी में पर्याप्त भोजन मिलने के कारण यहां छुट्टा पशुओं की सबसे अधिक संख्या मौजूद रहती है। कई बार पशु आपस में लड़ जाते हैं, जिससे बाजार में भगदड़ की स्थिति भी बन जाती है। इसी प्रकार चकिया तिराहा से अलीनगर के बीच भी 08 से 10 पशु विचरण करते मिल जाएंगे। जीटी रोड पर पशुओं के बैठे रहने के कारण कई बार हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा नई सट्टी में 08 से 10 पशु विचरण करते मिल जाएंगे। वहीं गलियों में भी पशुओं की भरमार है। नगर में विभिन्न स्थानों पर अधिक खतरनाक स्थिति रात में होती है। नगर में देवनगर, इस्टर्न बाजार, राममंदिर, पटेल नगर, कैलाशपुरी, रविनगर, मैनाताली, कालीमहाल अलीनगर आदि क्षेत्रों में पशु घूमते नजर आ जाएंगे। इस संबंध में नगर पालिका ईओ राजीव मोहन सक्सेना ने बताया कि पिछले एक माह में 90 पशुओं को पकड़कर गौशाला भेजा गया था। वहीं निजी पशु पालकों ने अपने-अपने पशुओं को सड़क पर छोड़ दिया था, ऐसे लोगों से 20 हजार रुपये जुर्माना भी वसूला गया था। पशुओं को पकड़ने का अभियान लगातार जारी रहेगा।