शनिवार का दिन उमस और गर्मी से राहत दिलाने वाला रहा। तड़के ही तेज ठंडी हवा के साथ बारिश हुई, जिसने तपिश से राहत दिलाई और किसानों के मन में आस जगाई। दिन में रुक-रुक कर बारिश होती रही, जिससे मौसम सुहावना हो गया। लेकिन तेज आंधी किसी आफत से कम नहीं रही। कई स्थानों पर पेड़ों के गिरने से आवागमन बाधित हुआ और कई जगह बिजली भी गुल हो गई। बारिश से हाल ही में बना नाला भी ध्वस्त हो गया।
लगातार एक हफ्ते से पड़ रही भीषण गर्मी व उमस से लोग बेहाल रहे। शनिवार को जहां आंधी के साथ हुई बारिश से लोगों को राहत मिली। तो कहीं नुकसान भी उठाना पड़ा। जायद की फसलों की सिंचाई हो गई। रतनपुरा में झमाझम बारिश हुई। इससे रेलवे क्रासिंग के पास राजभर बस्ती में बारिश से जलभराव हो गया। मधुबन क्षेत्र के धर्मपुर, सुग्गीचौरी, भैरोपुर, जजौली, खीरीकोठा, पांति, मधुबन, दुबारी आदि गांवों में हवा से पेड़ धराशायी हो गए हैं। मधुबन-बेल्थरा मुख्य मार्ग पर खीरीकोठा के सामने सड़क पर दरख्त गिरने से आवागमन बाधित हो गया। ग्रामीणों ने डालियां काटकर किसी तरह रास्ता साफ किया। तहसील परिसर में पानी भर गया। क्षेत्र के बाजारों में होर्डिंग फट गए हैं और दूकानें के टिन शेड उड़ गए।
पिपरीडीह बाजार मे चौराहे से रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग पर सड़क बनाते समय नालियां भर दी गईं हैं, जिससे जलभराव हो गया। क्षेत्र के हीरा राम , जयहिन्द मौर्य, संजय सिंह, अमीत सिंह, गीरीश बर्नवाल , गुड्डू, सुनिल जायसवाल,कुन्दन ने जल निकासी की समस्या का समाधान कराने की मांग की है। फतहपुर मंडाव इलाके के रौजा, वेलौली, मोलनापुर उपकेंद्रों से जुड़े तमाम इलाकों में बारिश के बाद विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। चंद्रापार में पोल टूट गया जबकि धर्मपुर में भी तार टूटने से आपूर्ति बाधित रही। रानीपुर के बख्तावरगंज विद्युत उपकेंद्र के तीन नंबर फीडर का तार टूटने आपूर्ति चरमरा गई। आंधी-पानी से कई टीनशेड उड़ गए और पेड़ धाराशायी हो गए।
उधर, बारिश से किसान खुश हैं जबकि ईंट भट्ठा संचालकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। बारिश में कच्ची ईंटें गल गईं और खादानों में पानी भर गया है। हरिमोहन मल्ल, देवेन्द्र मल्ल, अखिलेश मल्ल, रामजन्म यादव, रामनाथ ने बताया कि इस साल भट्ठे देर से चालू हुए और बरसात से लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।