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बर्ड फ्लू से निपटने के लिए आई टैमीफ्लू का स्टॉक

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मऊ। कोरोना संक्रमण के बाद बर्ड फ्लू की दस्तक ने लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें भले ही ला दी हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इससे निपटने के लिए हर स्तर पर तैयारियों में जुट गया है। बर्ड फ्लू के संभावित मरीजों के लिए टैमीफ्लू दवा का स्टॉक जहां शासन द्वारा भेजा जा चुका है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने संभावित मरीजों के लिए जिला अस्पताल के आईसोलेशन को चिह्नित किया है। वहीं इस बीमारी को लेकर सीएमओ ने सभी सीएचसी प्रभारियों को अलर्ट किया है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि वैसे तो अभी बर्ड फ्लू से संदिग्ध मरीज नहीं मिला है। फिर भी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। बताया कि जिले में कोरोना संक्रमण महामारी से बचाव को लेकर पहले से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। जिला अस्पताल में कोरोना वायरस के मरीजों के लिए बने एक आईसोलेशन वार्ड में बर्ड फ्लू के संदिग्ध मरीजों को भर्ती किया जाएगा। शासन से इलाज के लिए टैमीफ्लू टैबलेट का स्टॉक भेजा गया है। जबकि पहले से उनके स्टोर में टैबलेट तथा सीरप दोनों पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
पोल्ट्री फार्म संचालक रहे सर्तक
मऊ। सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि इन्फ्लुएंजा ए एच 5 एन 1 से बर्ड फ्लू फैलता है। पोल्ट्री फार्म में काम करने वालों में इसका खतरा अधिक है। इसके लक्षण भी स्वाइन फ्लू और कोरोना जैसे ही हैं। इसमें भी बुखार आना, बेचैनी, शरीर में दर्द, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी होती है। बताया कि इन बातों का ख्याल रखकर इस बीमारी से बचा जा सकता है। इसमें पक्षियों के संपर्क में आने से बचें, छत पर रखी टंकी, रेलिंग को डिटरजेंट से धोएं, पक्षियों और उसके मल को हाथों से न छुएं, कच्चा मांस न छुएं, पोल्ट्री फार्म पर जाने से बचें, पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले लोगों से बचें और मरे हुए पक्षी को हाथ नहीं लगाएं।
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