स्टैंड अप इंडिया योजना को क्रियांवित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा महिलाओं को 10 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये का ऋण देकर उनके उद्योग की स्थापना कराया जाएगा। जिले के समस्त बैंक शाखाओं को दो-दो का लक्ष्य दिया गया है। केंद्र सरकार की ओर से नए उद्यमियों को स्थापित करने तथा जनपद में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए स्टैंड अप इंडिया योजना शुरू की गई है।
योजना के तहत 10 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक की सीमा में ऋणों के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति और महिलाओं के बीच उद्यमशीलता को प्रोत्साहन दिया जाएगा। जिसमें 25 प्रतिशत पूंजी लगाना अनिवार्य किया गया है।जनपद में 152 बैंक शाखाएं हैं। सभी बैंक शाखाओं को दो-दो का लक्ष्य दिया गया है। बैंक अधिकारियों की मानें तो आवेदकों को वेब पोर्टल पर आनलाइन आवेदन करना होगा।
आवेदन में अपने बिजनेस आइडिया के साथ विस्तृत विवरण देना होगा। आवेदन पत्र के अध्ययन करने के बाद बैंक अधिकारी अभ्यर्थी का विस्तृत ब्यौरा तैयार करेंगे। एक्सपर्ट की मदद से संबंधित क्षेत्र में विशेषज्ञता का प्रशिक्षण दिलाने के लिए भेजेंगे। प्रशिक्षण का खर्च आवेदक को ही उठाना पड़ेगा। ताकि पूंजी डूबने की संभावना नगण्य रहे। बैंकों की ओर से योजना का सही ढंग से अमल किया जाता है तो जिले में 304 उद्यमी स्थापित होंगे। साथ ही भारी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिल सकेगा।
यह योजना केवल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व महिलाओं तक ही सीमित होने से लक्ष्य पूरा करने को लेकर बैंक अधिकारियों का सिर अभी से चकराने लगा है। सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार ने लक्ष्य पूरा होने के प्रति बैंक अधिकारियों को सख्त हिदायत दे रखा है। इस बाबत जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक बीडी महतो का कहना है कि स्टैंडअप इंडिया योजना के लिए सभी बैंक शाखाओं को दो-दो का लक्ष्य दिया गया है। हर हाल में लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।