कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के तत्वावधान में रानीपुर के किसान सूर्य भान सिंह के खेत में दवा का छिड़
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मऊ। कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वह रोपाई के 25 दिना बाद खरपतवारनाशी दवा का छिड़काव करें। ऐसे में खरपतवार नष्ट हो जाएंगे। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एलसी वर्मा ने बताया कि बरसात देर में होने के कारण अभी कुछ किसान इसकी रोपाई कर रहे हैं और अब सीधी बुवाई का समय नहीं रह गया है। जिन किसानों की बुवाई या रोपाई के बाद फसल 20 से 25 दिन की हो गई है और उसमें खरपतवार दिखाई दे रहे हैं और यदि खरपतवार चौड़ी तथा सॅकरी पत्ती दोनों तरीके के हैं तो उसमें पोस्ट इमर्जेंस खरपतवारनाशी नॉमिनी गोल्ड जिसे बाजार में विशपाइरीबैग सोडियम के नाम से भी जाना जाता है। इसकी 80 मिलीलीटर मात्रा प्रति एकड़ के दर से 150 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें जिससे चौड़ी और सॅकरी दोनों तरह के पत्ती वाले खरपतवार नष्ट हो जाएंगे। इस बात की सावधानी जरूर दें कि जब छिड़काव कर रहे हो तब तेज धूप निकली हो तथा कम से कम तीन-चार घंटे तक बरसात नहीं होनी चाहिए। यदि बरसात हो गई तो दवा का असर कम हो जाएगा और खरपतवार फिर उसके ऊपर प्रबल हो जाएंगे। डॉ. अंगद प्रसाद एवं डॉ. लाल पंकज सिंह ने ग्राम शादीपुर विकासखंड रानीपुर के किसान सूर्य भान सिंह के खेत पर नॉमिनी गोल्ड दवा का छिड़काव कराया गया तथा आसपास के किसानों को जागरूक किया गया कि वह अपने क्षेत्र में पोस्ट इमरजेंसी दवा का छिड़काव समय से करें जिससे खरपतवारों से निजात मिल सके।