नोटबंदी को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश यादव के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय से जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा नेताओं ने जनता की परेशानी के सवाल पर बिना तैयारी के नोटबंदी पर प्रधानमंत्री को बेरहम बताते हुए उनका पुतला फूंका। कहा कि पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने जनता की सुविधाओं का ध्यान रखे और बिना तैयारी के इस प्रकार का वित्तीय निर्णय लेकर आम जन को परेशानी में डाला है।
500 तथा 1000 रुपये के नोटों को बिना तैयारी के बंद किए जाने से भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव व उत्पन्न गंभीर समस्याओं को लेकर सपा कार्यकर्ता सोमवार को पार्टी कार्यालय पर उपस्थित हुए। सपा कार्यालय से मिर्जाहादीपुरा चौक तक जुलूस निकालकर विरोध जताया। जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों को लेकर आम आदमी में गुस्से में है। विशेषकर कारोबार से जुड़े हर लोग परेशान हैं।
पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल ने कहा कि नोटबंदी के इस फैसले से मात्र गरीब जनता, मजदूर, दिहाड़ी, किसान, बुनकर, रिक्शा चालक आदि ही परेशान ज्यादा हुए हैं। कहा कि विश्व के 17 देशों में करेंसी परिवर्तन हुआ पर पांच देशों में बुरी तरह विफल रहा।
विधायक बैजनाथ पासवान ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनमाने ढंग से नोटबंदी का जो फैसला लिया है इसका खामियाजा इसको आने वाले 2017 के विधान सभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा। सभा को कमरुज्जमा, कुद्दूस अंसारी, तैयब पालकी, संजय पांडेय, रामधनी चौहान, वीरेंद्र यादव, अब्दुलसलाम, शोएब नोमानी, हाजी इरफान अहमद, हजारी सिंह इत्यादि ने भी संबोधित किया। संचालन सपा नगर अध्यक्ष जहीर सेराज ने किया। इस अवसर पर मुख्तार हुसैन, अनीस हलचल, संजय चैधरी, योगेंद्र यादव जोगी, महताब, एखलाक अहमद आदि शामिल रहे।
मधुबन संवाददाता के अनुसार कस्बे में स्थित शहीद स्मारक से जुलुस की शक्ल में मोदी विरोधी नारे लगाते हुए क्षेत्र के सपाइयों ने प्रधानमंत्री का पुतला फूंका। सपा प्रत्याशी राजेंद्र मिश्र ने कहा कि नोटबंदी का फैसला गलत है इसे वापस होना चाहिए। सरकार काले धन वालों के लिये किसानों को परेशान कर रही है।