थाना दोहरीघाट में रविवार को पुलिस से भिड़ना सपा नेताओं को महंगा पड़ा। पुलिस ने इस मामले में सपा नेता शैलेश यादव सहित पांच को नामजद करते हुए 25 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।
मुकदमा दर्ज करने के बाद सपा नेताओं के प्रदर्शन की आशंका को लेकर दोहरीघाट में पीएसी एवं पुलिस बल ने कस्बे में रूट मार्च किया और एकत्रित हो लोगों को डांट फटकार लगाई। पुलिस किसी भी हाल में हाईवे जाम करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के मूड में हैं। सपा नेता ने भी पुलिस के खिलाफ तहरीर दी है।
सपा नेता शैलेश यादव एक महिला के भूमि विवाद की पैरवी लेकर दोहरीघाट थाने में रविवार को गए थे। महिला के पक्ष से मुकदमा दर्ज करने का पुलिस पर दबाव बनाने लगे। दरोगा ने दोनों पक्षों के विरुद्ध कार्रवाई की बात कही। इसी बात को लेकर सपा नेता एवं उनके समर्थक भड़क गए और थाने में दरोगा से मारपीट की नौबत आ गई।
पुलिस ने सपा नेता को दुर्व्यवहार के चलते लाकअप में बंद कर दिया। इसकी सूचना पाकर मौके पर सैकड़ों सपाई पहुंच गए लेकिन बाद में सीओ डा. अजय कुमार के पहुंचने पर कार्रवाई के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
लेकिन इसके बाद दूसरे दिन मामले में पुलिस ने सपा नेता शैलेश सहित 30 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। इसकी सूचना पर सोमवार को सपा नेताओं का दोहरीघाट में जमावड़ा होने लगा। हाईवे जाम की आशंका पर मौके पर पीएसी पहुंची और पुलिसबल के साथ कस्बा में रूट मार्च किया।
चेताया गया कि किसी प्रकार से चक्काजाम होने एवं कानून व्यवस्था को हाथ में लेने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके चलते अधिकांश सपा नेता जहां थे वहीं दुबक गए। पूरे दिन पुलिस और सपा नेताओं के बीच तनाव की स्थित बनी रही। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मामले में जांच पड़ताल चल रही है।
जो भी दोषी होगा उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी चाहे वह पुलिसकर्मी हो या नेता। कहा कि कानून व्यवस्था को किसी भी सूरत में किसी को हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा।