छात्रा का कहना है कि जानबूझ कर उसका अपहरण करवाया गया।
अस्पताल, स्कूल और सार्वजनिक स्थानों पर असलहा लेकर जाना प्रतिबंधित है। लेकिन गुरुवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में सपा नेता की लाइसेंसी बंदूक से गोली चलने से साफ है कि प्रशासन इस पर नजर नहीं रख रहा है। गोली चलने की घटना में एक महिला को छर्रे लगने की चर्चा थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
लेकिन नो आर्म्स जोन में असलहा ले जाने पर रोक लगाने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाया। यही नहीं प्रतिबंधित क्षेत्र में असलहा लेकर घूमने वाले सपा नेता को भी बेदाग छोड़ दिया ।हालांकि एसपी शिवहरि मीणा का कहना है कि नो आर्म्स जोन में असलहे लेकर घूमने वालों के विरुद्ध पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है।
असलहों का दुरुपयोग रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने कई क्षेत्रों को नो आर्म्स जोन घोषित किया है। इनमें अस्पताल, स्कूल, कालेज, फैक्ट्री, मॉल, रेस्टूरेंट आदि शामिल हैं। इसके अलावा शादी विवाह में भी असलहों को लहराने एवं हर्ष फायरिंग पर रोक है। पर शायद ही कहीं इसका पालन किया जाता हो। पुलिस की मौजूदगी में ही लोग इन स्थानों पर असलहा लेकर घूमते देखे जा सकते हैं। असलहों को लेकर प्रदर्शन की इस होड़ का खामियाजा आए दिन आम लोगों को ही झेलना पड़ता है।
गुरुवार को जिला अस्पताल में सपा नेता की बंदूक से हुई फायरिंग, इसी प्रवृत्ति का दुष्परिणाम है। घटना के बाद भी सपा नेता पर कोई कार्रवाई न होने से तरह-तरह की चर्चाएं हो रहीं हैं। लोगों का कहना है कि कानून तो सपा नेता ने भी तोड़ा है।