मऊ शहर के भीटी मोहल्ला निवासी ठेकेदार और सपा नेता हजारी प्रसाद सिंह ने गुरुवार को कहा कि मुख्तार अंसारी से उनका नाम जोड़कर साजिश के तहत उनके ठेके का लाइसेंस निरस्त कराया गया है। कहा कि मैं शुरू से ही मुख्तार अंसारी का विरोधी रहा हूं।
हजारी सिंह ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि सपा की राजनीति में सक्रिय भूमिका अदा करते हुए वो समाज सेवा का काम करते हैं, अब दूसरे दल में रहने से ऐसी कार्रवाई कराना न्याय संगत नहीं है। बोले, लाइसेंस निरस्त करने में पुलिस ने जिन मुकदमों का हवाला दिया, वह पार्टी का जिला उपाध्यक्ष होने के कारण राजनीति से प्रेरित मामले हैं, न कि कोई चोरी और डकैती डाली है।
15 वर्ष पहले उनके खिलाफ मामले दर्ज हुए थे, कोर्ट में ट्रायल के दौरान सभी मामलों में वह दोष मुक्त हो चुके हैं। सपा प्रत्याशी के साथ चुनाव प्रचार के दौरान सदैव मुख्तार के विरुद्ध प्रचार करता रहा हूं, इसके चलते मुख्तार और उनके करीबी उनसे रंजिश भी रखते हैं।
कहा कि पत्रकार द्वारिका नाथ गुप्ता पर मुख्तार अंसारी और उनके गुर्गों द्वारा किए गए हमले की घटना में वह द्वारिका नाथ गुप्ता की तरफ से मुख्य गवाह रहे, तो ऐसे में उनका संबंध कैसे मुख्तार से हो सकता है। मेरी पत्नी माया सिंह पर वर्ष 2014 से अब तक पर कोई मुकदमा नहीं है। बता दें, एसपी की रिपोर्ट पर डीएम अति सिंह बंसल ने बुधवार को भीटी निवासी हजारी प्रसाद की पत्नी माया सिंह और पिता के नाम से जारी लाइसेंस को निरस्त कर दिया था।