फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शैक्षिक गुणवत्ता के लिए नहीं बनी ठोस कार्ययोजना

Sat, 26 Aug 2017 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो,मऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
 मऊ। शिक्षा सत्र का पाचवां माह बीतने को है, लेकिन  परिषदीय विद्यालयों में विभाग की तरफ से शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार नहीं की जा सकी है। शिक्षकों के स्थानांतरण समायोजन के अधर मेें लटकने तथा समायोजित शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द होने के बाद विद्यालयों में पठन पाठन पर असर पड़ा है। शिक्षामित्र पठन पाठन बंद कर दो बार सड़क पर उतर चुके हैं। हालत यह है कि कहीं एकल शिक्षकों के भरोसे स्कूूल चल रहे हैं तो कहीं बच्चे कम शिक्षक ज्यादा हैं। वैसे शिक्षामित्रों ने आंदोलन स्थगित कर दिया है। लेकिन अभी तक विभाग की तरफ से वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा सकी है। हाईकोर्ट द्वारा स्थानांतरण समायोजन पर रोक और शिक्षामित्रों के मामले में नया शासनादेश न आने की बात कहकर अधिकारी मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं।         
विज्ञापन

जिले में 1060 प्राथमिक और 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। शिक्षा सत्र का पांचवां माह बीतने को है, लेकिन परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने का काम सिर्फ कागज पर चल रहा है।  शासन की तरफ से जून माह में ही शिक्षकों का स्थानांतरण समायोजन कर लेने का फरमान जारी किया गया था। विभाग की तरफ से 600 सरप्लस शिक्षकों को चिह्नित भी कर लिया गया है। समायोजन के लिए शिक्षकों की काउंसलिंग भी कराई जा चुकी है। बावजूद समायोजन अधर में लटका है। हालत यह है कि किसी विद्यालय में बच्चे ज्यादा हैं तो शिक्षक कम हैं तो कहीं शिक्षक ज्यादा हैं तो बच्चे नाम मात्र हैं। जनपद में 1750 शिक्षामित्रों की तैनाती की गई थी। जिसमें से 1500 शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद पर समायोजित कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षामित्रों के आंदोलन के बाद अधिकांश विद्यालयों में पठन पाठन पर असर पड़ा। अब तक दो बार कई दिनों तक पठन पाठन बंद कर दो बार शिक्षामित्र सड़क पर उतर चुके हैं।  हालांकि अब आंदोलन स्थगित होने के बाद शिक्षामित्र विद्यालय पर आ गए हैं। लेकिन मांग पूरी न होने से अब भी शिक्षामित्र आंदोलित हैं। बावजूद विभाग की तरफ से वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इस संबंध में मधुबन क्षेत्र के अभिभावक विक्रमा यादव, शिवनारायण शर्मा, बोझी क्षेत्र के वीरबल राम, जनार्दन वर्मा का कहना था कि परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता दिन ब दिन दयनीय होती जा रही है। शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में अभी तक कुछ नहीं किया जा सका है। इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार का कहना है कि स्थानांतरण समायोजन पर हाईकोर्ट से रोक और समायोजित शिक्षामित्रों के मामले में नया शासनादेश नहीं मिला है। बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें