अंबेडकरनगर में शनिवार को हुई तेज बारिश से गिरी धान की फसल।
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विकास खंड में धान खरीद के लिए स्थापित छह धान क्रय केंद्रों पर प्रशासनिक संवेदनहीनता चरम पर है। इन केंद्रों पर धान की खरीद नहीं हो रही है। जिसकी वजह से किसान प्राइवेट दूकानदारों को औने पौने दाम पर अपना धान बेचने को मजबूर हैं। जबकि विभाग बजट के साथ बोरे का रोना रो रहा है।
क्षेत्र में परसूपुर, दुबारी, गजियापूर, पीसीएफ मधुबन, प्यारेपुर मिश्र आदि स्थानों पर किसानों की सहूलियत के लिए आधा दर्जन धान क्रय केंद्र स्थापित किए गए है। एक दिसंबर से किसानों का धान क्रय करने का आदेश जारी किया गया था। लेकिन अभी तक कई धान क्रय केंद्रों पर ताले ही लटके है। जबकि तहसील क्षेत्र के लिए 4542 कुंटल धान क्रय करने का लक्ष्य शासन ने निर्धारित किया है। जिसके सापेक्ष दुबारी,गजियापुर व पीसीएफ मधुबन तीन क्रय केन्दो पर मात्र 279 कुंतल धान क्रय किया गया है। जो लक्ष्य से कापी पीछे है। इतना ही नहीं तीन केन्द्र ऐसे है जहां धान खरीद शुरू ही नहीं हुई है। इस केंद्र पर जाने वाले किसानों की कोई सुनने वाला भी नहीं है। किसान देवेंद्र यादव, प्रेमचंद गुप्ता ने बताया कि कई बार हम अपने धान को बेचने के लिए क्रय केंद्र लेकर गए, लेकिन वहां ताला लटका मिलता है। बीरबहादुर मौर्य ,रामलखन ने बताया कि यदि संयोग से क्रय केन्द्र खुला रहा तो जाने के बाद बोरा नहीं था। योगेश चतुर्वेदी,राजू यादव ने कहां कि क्रय केंद्र पर धान ले जाने पर मानक का हवाला देते हुए वापस कर दिया गया। जबकि एडीओ क्वापरेटिव मृत्युंजय सिंह कहां कि बजट के अभाव के कारण धान क्रय नही किया जा रहा बजट आने के बाद खरीद शुरू किया जायेगा बहरहाल जो हो किसान अपने धान को बेचने के लिए भटकने को विवश है।