महंगाई और डीए भत्ता बंद किए जाने के विरोध में सीएमओ कार्यालय में कैंडिल जलाकर विरोध करते स्वास्थ?
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मऊ। जिले में राज्यकर्मचारियों ने महंगाई भत्ते को रोकने के निर्णय के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी की गई। सीएमओ कार्यालय में हुए प्रदर्शन के दौरान चंद लोगों के चेहरों पर ही मास्क लगा दिखा। इंडियन पब्लिक सर्विसेज इंप्लॉईज फेडरेशन के आह्वान पर शुक्रवार को जिले में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने विरोध प्रदर्शन किया था। अध्यक्ष पीएन सिंह ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। वहीं मंत्री अविनाश सिसौदिया ने कहा कि सभी कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर पूरी इमानदारी से ड्यूटी करते हैं। इस दौरान वे अपने स्वास्थ्य के लिए काफी बड़े तथा वास्तविक खतरे का सामना करते हैं, और फिर भी उन्हें सरकार उन्हें उनके हक से वंचित करने का फैसला किया है। मांग किया कि प्रदेश सरकार अपने इस निर्णय को वापस ले। इस मौके वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिव कुमार सिंह, डॉ. जेपी सिंह, डॉ. एसपी अग्रवाल, मेराज खलिद खां, पंकज यादव, वीएन राय, अजय सिंह, अनिल सिंह, अरविंद्र यादव, सैयद हसन, अखिलेश त्रिपाठी, अखिलेश पांडेय, ओमप्रकाश यादव, डॉ. एके सिंह, डॉ. आरआर चौहान आदि मौजूद रहे। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं से जुडे़ डॉक्टर, नर्सेज, पैरामेडिकल स्टाफ तथा वार्ड ब्वाय कर्मचारी, स्वीपर आदि ने सीएमओ कार्यालय, टीबी राजकीय क्लीनिक, जिला अस्पताल, महिला जिला अस्पताल सहित जिले के नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोपागंज, रतनपुरा, परदहा, फतेहपुर मंडाव, घोसी, मुहम्मदाबाद गोहना, रानीपुर पर दोपहर 12 बजे एक साथ मोमबत्ती जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, सरकार के इस निर्णय के विरोध में वन विभाग, सिचाई विभाग, रोडवेज, गन्ना विभाग, नलकूप विभाग, शिक्षणोत्तर परिषद, स्वास्थ्य विभाग के समस्त संगठनों भी मोमबत्ती जलाकर विरोध किया गया।