आपरेशन स्माइल से पुलिस उन परिवारों के चेहरों पर खुशी लोन की कोशिश में है जिनके बच्चे खो गए हैं। पुलिस गुमशुदा प्रकोष्ठ से ऐसे बच्चों की सूची लेकर उनकी तलाश करेगी।
विभिन्न स्थानों पर छापे मारेगी। यदि कोई गुमशुदा बच्चा मिला तो उसके मां-बाप से मिलाकर न सिर्फ बच्चे बल्कि उसके परिवार के चेहरे पर भी मुस्कान लाएगी। नवागत पुलिस अधीक्षक इस संबंध में पहल कर स्वयं गठित टीम की मानीटरिंग करेंगे।
हर जिले में गुमशुदा बच्चों और व्यस्कों का रिकार्ड गुमशुदा प्रकोष्ठ रखता है। कई संस्थाएं भी इस क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। मऊ में भी वर्तमान में 14 से अधिक बच्चों के लापता होने का रिकार्ड सेल के पन्नों में है।
पुलिस का मानना है कि ऐसे गुमशुदा बच्चे अधिकांश भटक कर किसी ढाबे, होटल या रेलवे स्टेशनों पर पड़े रहते हैं, जो किन्हीं कारणों से अपने घर नहीं पहुंच पाते।
व्यवसायिक प्रतिष्ठानों या बाल मजदूरी कराने वाले इन बच्चों का शोषण करते हैं, इन्हें छिपाकर भी रखते हैं और कार्य कराते हैं। ऐसे बच्चों के मां-बाप लाख प्रयास के बाद भी उनका पता नहीं लगा पाते हैं।
गुमशुदा बच्चों की दर्ज रिपोर्ट के बाद हालांकि कार्रवाई तो होती है लेकिन इसके तहत अभियान चलाकर उन्हें तलाश करने के लिए पहल शुरू की जाएगी। गुमशुदा सेल से गायब बच्चों की सूची एवं उनका नाम पता, फोटो लेकर रेलवे स्टेशन, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर गठित टीम छापामारेगी।
जहां कहीं के भी बच्चे काम करते हुए पाए जाएंगे, उनके बारे में जानकारी इकट्ठा करके उनके मां-बाप को सूचित किया जाएगा और उन्हें सुपुर्द किया जाएगा।
पुलिस का मानना है कि ऐसे कार्य से न सिर्फ बच्चे के चेहरे पर मुस्कान आएगी बल्कि उसके मां-बाप भी अपने लाल को पाकर निहाल हो जाएगी। इसी के चलते इस अभियान को आपरेशन स्माइल नाम दिया गया है।