मऊ। माध्यमिक विद्यालयों में सोलर प्लांट लगाने की योजना में लापरवाही बरती जा रही है। कई ऐसे विद्यालय भी हैं जहां पर विद्युत कनेक्शन ही नहीं हैं। विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान माध्यमिक विद्यालयों में 5 किलोवाट सोलर पावर प्लांट लगाने के कार्यों में लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी अरुण कुमार ने परियोजना प्रभारी फिरोज अहमद से जानकारी ली। परियोजना प्रभारी ने बताया कि तीन के सापेक्ष दो में कार्य हो चुका है। एक विद्यालय में विद्युत कनेक्शन न होने के कारण अभी तक संयंत्र स्थापित नहीं हो सका है। इसपर डीएम ने ऐसे विद्यालय के चयन पर, जहां पर विद्युत कनेक्शन नहीं है। परियोजना प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई। जिला विकास अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा कैंप कार्यालय स्थित सभागार में जिलाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में पीएम स्वनिधि योजना, स्वामित्व योजना, वरासत अभियान सहित तहसील स्तरीय कई अन्य योजनाओं की समीक्षा हुई। मोटर दुर्घटना क्लेम, पारिवारिक न्यायालय एवं अन्य न्यायालयों से प्राप्त आरसी की वसूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधितों के खाते सीज करने एवं उनकी अचल संपत्तियों को कुर्क कर नीलामी पूर्ण करते हुए वसूली करने के निर्देश दिए।
प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए भूमि की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर ने बताया कि इसके लिए 1500 वर्ग फीट की जमीन की आवश्यकता है। अभी तक तीन विकास खंडों से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
खुष्की बैनामा वाले प्रकरणों में अभी तक 100 से अधिक संदिग्ध फाइलों के सापेक्ष मात्र 12 लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई होने पर कड़ी जिलाधिकारी ने एआईजी स्टांप को इस कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर, अरुण कुमार आईपीएस (प्रशिक्षण), अपर जिलाधिकारी भानु प्रताप सिंह, नगर मजिस्ट्रेट नीतीश कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।