घाघरा का जलस्तर में घटाव के बाद कटान तेज होने से कस्बा तथा तटवर्ती इलाके के लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। बुधवार को नदी के जलस्तर में 14 सेमी का घटाव दर्ज किया गया। श्मशान घाट के दक्षिण कटान तेज होने से ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है। घाघरा की लहरें मुक्तिथाम पर स्थित भारत माता मंदिर पर दबाव बनाए हुए है। कटान रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कारगर उपाय नहीं किया जा सका है।
नदी के जलस्तर में घटाव दर्ज होने के बाद प्रशासन राहत की सांस ले रहा है। वहीं कटान तेज होने से तटवर्ती इलाके के लोगों की नींद ही उड़ गई है। नदी के घटने बढने से लोगों को चिंता सताने लगी है। बुधवार को नदी के जलस्तर में 14 सेमी घटाव दर्ज किया गया। घाघरा का 69.86 मीटर पर बह रही थी। जबकि मंगलवार को नदी का जलस्तर 70.10 मीटर रहा।
गौरीशंकरघाट पर नदी का खतरा निशान 69.90 मीटर आंका गया है। घाघरा के कटान के चलते नगर की ऐतिहासिक धरोहर मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, हनुमान मंदिर, डीह बाबा का मंदिर आदि धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
वहीं घाघरा के तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नईबाजार, नौली, नौली बहादूरपुर, सरया, पतनई, गोधनी, ठाकुर गांव, बीबीपुर, ताहीरपुर, गौरीडीह, कोरौली, बेलौली, पाउस, चन्द्राबारी, महुआबारी, रसूलपुर, सूरजपुर आदि गांवों में खतरा बना हुआ है। लोगों ने कटान समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।