मऊ। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट हर्ष अग्रवाल की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के प्रयास के मामले में सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे छह साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड नहीं देने पर 3 दिन अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन के अनुसार मधुबन थाना क्षेत्र के ताजपुर गांव निवासी मनीष कुमार पुत्र तेज बहादुर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। वादी का आरोप था कि 15 अक्टूबर 2017 को जवाहरपुर गांव के पास आरोपियों ने उसकी जमकर पिटाई की और गैर इरादतन हत्या का प्रयास किया। पुलिस ने विवेचना के बाद बलिया जनपद के भीमपुरा थाना क्षेत्र के महादेवा गांव निवासी लाल बहादुर पुत्र रामसूरत राम के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। अभियोजन की पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक सत्येंद्र नाथ राय और अखिलेश कुमार सिंह ने दो गवाहों को पेश किया। आरोपी लाल बहादुर ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। अदालत ने आरोपी को उसे दोषी करार देते हुए गैर इरादतन हत्या के प्रयास में छह साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। गंभीर रूप से घायल करने पर छह वर्ष, गालीगलौच करने और धमकी देने के मामले में दो-दो वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर 3 दिन अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।