मऊ। सावन माह में रविवार की रात 12 बजे से शुरू हुई बारिश सोमवार सुबह 7 बजे तक रुक-रुककर होती रही। बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। अधिकतम तापमान में तीन और न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि, लगातार बारिश के कारण जिला अस्पताल समेत कई सरकारी कार्यालय परिसरों और निचले इलाकों में जलभराव हो गया। लोगों को गंदे पानी से होकर आवागमन करना पड़ा।
कई दिनों से तेज धूप और उमस के कारण लोग परेशान थे। रविवार देर शाम मौसम ने करवट ली और रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही। सोमवार सुबह करीब सात बजे तक बूंदाबांदी जारी रही। दोपहर बाद तक आसमान में घने बादल छाए रहे। हल्की धूप निकलने के बावजूद मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहा, लेकिन उमस ने लोगों की परेशानी बरकरार रखी।
बारिश के चलते एआरटीओ कार्यालय, जिला अस्पताल परिसर, मुंशीपुरा, सहादतपुरा, भीटी, महरनिया समेत निचले इलाकों में जलभराव हो गया। इससे लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा।
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार सोमवार को जिले में नौ मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। सावन का आधा माह बीतने के बाद अब तक कुल 62.75 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। अगस्त में औसत बारिश 103.15 मिलीमीटर है। वहीं, जून और जुलाई में भी औसत से कम बारिश हुई है। कम बारिश के कारण किसानों को निजी संसाधनों से फसलों की सिंचाई करनी पड़ी, जिससे खेती की लागत बढ़ गई है। बारिश के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है।
कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि बारिश का पानी धान की फसल के लिए बेहद लाभकारी है। उन्होंने कहा कि कम बारिश के कारण किसानों पर सिंचाई का अतिरिक्त खर्च बढ़ा है।
नगर स्थित एआरटीओ कार्यालय में हुआ जलजमाव। संवाद