मऊ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने और महिला का आंख फोड़ने के दोषी सगे भाइयों समेत छह दोषियों को पांच-पांच वर्ष कठोर कारावास की सजा के साथ ही 26-26 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र के बुलाकीपुरा निवासी शमशाद अहमद की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें शमीम और अफरोज अहमद, शमशाद अहमद, मनौव्वर, इजहार और इफ्तेखार अहमद को नामजद किया। पीड़ित का कहना था कि 29 मई 1999 को जमीन की रंजिश को लेकर आरोपियों ने उसके दरवाजे पर आकर उसके भाई मुनव्वर को घर से खींचकर मारना शुरू कर दिया।
उन्हें बचाने भतीजी शबाना गई तो उसे भी मारा पीटा और धारदार हथियार से मारकर उसकी दाहिनी आंख फोड़ दिया। तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र सीजेएम न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए अभियोजन अधिकारी हरेंद्र सिंह ने वादी और घायल तथा अन्य गवाहों को पेशकर अभियोजन का पक्ष रखा।
सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी शमीम, अफरोज अहमद, शमशाद अहमद, मनौव्वर, इजहार और इफ्तेखार अहमद को बल्वा, मारपीट ,धमकी व आंख फोड़ने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को आंख फोड़ने के मामले में पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ कुल 26-26 हजार रुपये जुर्माना लगाया। अर्थदंड की 50 प्रतिशत धनराशि चोटिल शबाना को देने का आदेश दिया।