मंत्री एके शर्मा को राखी बांधती हैं। उनके आमंत्रण पर भरोसा कर पुण्यतिथि कार्यक्रम में पहुंची थी लेकिन अपमानित होना पड़ा। 2002 में सदर विधानसभा क्षेत्र से दिवंगत कल्पनाथ राय के विकास की पहचान के साथ ही माफियावाद के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
डॉ. सीता राय ने सरायसादी में स्थापित दिवंगत कल्पनाथ राय की प्रतिमा की बनावट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रतिमा में कल्पनाथ राय के व्यक्तित्व और वास्तविक स्वरूप की झलक दिखाई देनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जन-जन के सहयोग से वास्तविक प्रतिमा लगवाई जाएगी।
परिवार में विवाद बताकर राजनीति खत्म करने की कोशिश
भाजपा नेता ने कहा कि 2014 में परिवार के कारण टिकट नहीं मिला तो उसके बाद भी चुनाव हुए हैं। परिवार में विवाद का मुद्दा खड़ा कर राजनीतिक विरासत को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। पुण्यतिथि कार्यक्रम में पूर्वांचल के कई जिलों से लोग पहुंचे थे। ऐसे मंच पर विरासत को लेकर विवाद खड़ा करना सोची-समझी राजनीतिक साजिश थी। पीठ में छुरा घोंपने जैसा है।
कण-कण में बसते हैं दिवंगत कल्पनाथ राय
डॉ. सीता राय ने कहा कि कई वर्षों से सेवा और संघर्ष की राजनीति कर रही हैं। दिवंगत कल्पनाथ राय कोई नहीं बन सकता। यहां की जनता के मन और जिले के कण-कण में कल्पनाथ राय बसते हैं। उन्होंने खुद को कल्पनाथ राय की पुत्रवधू बताया और कहा कि विकास पुरुष कल्पनाथ राय और उनकी बहू का सम्मान रहना चाहिए। कल्पनाथ राय की विरासत पर किसी भी तरह की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।