नगर क्षेत्र के चांदपुरा सहन में बुधवार को जमीअत-ए-उलेमा के तत्वावधान में मुल्की हालात और हमारी जिम्मेदारियां शीर्षक पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुल्क की वर्तमान राष्ट्रीय हालात पर गहन चिंतन हुआ।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि जमीअत-ए-उलेमा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि सरकार संविधान के अनुसार सभी को समान उन्नति का मार्ग प्रशस्त करे। हमारा देश सांप्रदायिकता के घोर अंधकार में डूबा हुआ है। जिसे बर्बादी के गर्त से सुरक्षित निकाल लेने की जिम्मेदारी हमारी ही बनती है, क्योंकि हमने अतीत में भी जब मुल्क गुलाम था देश की आजादी, अखंडता, संप्रभुता की जंग लड़ी थी। उन्होंने कहा कि हम आरएसएस, बजरंग दल और बीजेपी के उन सभी लोगों के विरुद्ध हैं जो अपनी उग्र भाषा के चलते मुल्क की एकता को तोड़ना चाहते हैं। मुट्ठीभर लोग सत्ता की कुर्सी तक पहुंचने के लिए धार्मिक भावनाआें के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जबकि मुल्क की हिंदू बहुमत सेक्युलर विचारधारा की द्योतक है। उन्होंने कहा कि सभी धर्म समानता, एकता और भाईचारे का ही संदेश देते हैं। और जो लोग इंसानियत का खून कर रहे हैं वे अपने मजहब और देश दोनों के साथ धोखा कर रहे हैं।
मौलाना मदनी ने कहा कि मुल्क में शांति बनाए रखने के लिए हम अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे, क्योंकि राष्ट्र सब से ऊपर हैं। उन्होंने मुजफ्फर नगर के दंगों का हवाला देते हुए कहा कि जहां मुसलमानों की बड़ी तादाद में कत्लेआम हुआ वहीं पर बहुत से हिंदुओं ने बंदूक की नोक पर सैकड़ों मुस्लिम औरतों और बच्चों के जान की हिफाजत की। उन्हाेंने स्पष्ट कहा कि जमीअत-ए-उलेमा ए हिंद का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है। यह एक मजहबी तंजीम है जो मुल्क और मुल्क में रहने वाले लोगों के लिए शांति और भाईचारा पैदा करना चाहती है। गोष्ठी की अध्यक्षता जमीअत ए उलेमा उप्र के उपाध्यक्ष व शाही कटरा के इमाम मौलाना महफुर्जुहमान मिफताही ने किया। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल, मुफ्ती अब्दुल्लाह, मौलाना आजम, केरात कारी जमील अहमद, तैयब पालकी, मौलाना खुर्शीद अहमद, मुफ्ती अब्दुल्लाह आदि मौजूद रहे।