नगर के त्रिदेव धाम पर श्री राणी सती दादी जी के सिंजारा महोत्सव में सजा दरबार। स्रोत- स्वयं
मऊ। ढेकुलियाघाट स्थित त्रिदेव धाम मंदिर में शुक्रवार को श्री राणी सती दादी जी का वार्षिक सिंजारा महोत्सव भक्ति, उल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। इस दौरान मां नारायणी को कलियुग में साक्षात शक्ति का स्वरूप बताते हुए उनके दर्शन-पूजन के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
महोत्सव के प्रातःकालीन सत्र में श्री राणी सती दादी जी का दिव्य शृंगार किया गया। मारवाड़ी परिधानों में सजी महिलाओं ने मंगल गीतों के बीच दादी जी के चरणों में मेहंदी और चुनरी अर्पित कर अखंड सौभाग्य की कामना की।
सायंकाल फूलों से सजे हिंडोले में माता को विराजमान कर झूलनोत्सव शुरू हुआ। ‘झूला झूले राणी सती मां...’ के जयघोष से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु महिलाओं ने माता को झूला झुलाया। इसके बाद भक्ति भजनों की धुन पर डांडिया रास का आयोजन हुआ, जिसमें महिलाएं उत्साह के साथ झूमती नजर आईं।
महिला मंडल सेवा परिवार की सदस्य रितु अग्रवाल ने कहा कि महामाई को सोलह शृंगार, मेहंदी और चुनरी अर्पित करने से घर-परिवार में ऋद्धि-सिद्धि का वास होता है और दुखों का नाश होता है।
उन्होंने बताया कि महिला मंडल की ओर से प्रतिदिन माता के भजनों की प्रस्तुति की जाती है। इससे मन और मस्तिष्क को शांति मिलती है। कार्यक्रम के अंत में आरती और प्रसाद वितरण किया गया।