आल इंडिया आर्गेनाइजेशन
आफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट आह्वान पर दवा व्यापार वेलफेयर सोसाइटी के
तत्वावधान में थोक व फुटकर दवा दूकानदारों ने बुधवार को अपनी-अपनी दूकानें
बंद कर जुलूस निकाला। साथ ही सभा कर केंद्र सरकार इस नीति को वापस लेने की
मांग की।
नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों के थोक व फुटकर दवा
दूकानदार सिन्धी कालोनी परिसर में एकत्र हुए। वहां से दवा व्यवसायियों ने
जुलूस निकाला। जूलूस के बाल निकेतन, पुराना अस्पताल आजमगढ़ मोड़,
गाजीपुर तिराहा, जिला अस्पताल होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर सभा में तब्दील
हो गया।
इस अवसर पर दवा व्यापार वेलफेयर सोसाइटी के जिलाध्यक्ष शिवजी राय
ने कहा कि खुदरा दूकानदारों के व्यवसाय को संचालित करने के लिए फार्मासिस्ट
की अनिवार्यता एवं उचित संख्या में फार्मासिस्ट उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद
भी सरकार द्वारा नई दवा नीति लागू की जा रही है।
यदि ऐसा होता है तो
उत्तर प्रदेश के लगभग 60 हजार खुदरा दवा की दूकानें बंद होने के कगार पर
पहुंच सकती हैं। जिला महासचिव प्रवीण पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार
द्वारा लाए जा रहे नए नियम का खामियाजा उपभोक्ता के साथ-साथ दवा
व्यवसायियों को भी भुगतना पड़ेगा।
जमील अंसारी ने कहा कि आनलाइन व्यापार
बंद हो। नगर अध्यक्ष गोपाल कृष्ण बरनवाल ने कहा ड्रग एवं केमिस्ट अधिनियम
1940 के सेक्शन 33 आईए में राज्य सरकार को प्राप्त है कि वह नियम बनाकर
फार्मासिस्ट के अनिवार्यता के मामले में नियम में संशोधन करके दवा
व्यवसायियों को बड़ी राहत प्रदान कर सकती है।
इस अवसर पर भगवान दास
गुप्ता, बृजेश गुप्ता, राजेश राय, रफी अतहर, तारिक अंसारी, दिनेश यादव,
रामचन्द्र चौहान, राजेश सिंह आदि शामिल थे।
उधर, घोसी के दवा विक्रेता कल्याण समिति घोसी के आह्वान पर घोसी नगर तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की दवा की दूकानें बंद रहीं।
समिति
के बैनर तले दवा दूकानदारों ने पकड़ी मोड़ से लेकर मंझवारा मोड़ तक जुलूस
निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही तहसील पर सभा की। बाद में
प्रधानमंत्री को संबोधित मांग पत्र तहसीलदार को सौंपा। इस अवसर पर अध्यक्ष
अरविंद पांडेय ने बंदी की सफलता के लिए दवा विक्रेताओं को धन्यवाद दिया।