मऊ। नवंबर माह की शुरुआत से तापमान में गिरावट के बाद लोगों को दिन में गर्मी से राहत नहीं मिल रही थी। लेकिन बुधवार के बाद से मौसम में बदलाव के बाद बृहस्पतिवार को सुबह से जनपद के अनेक क्षेत्रों में कही हल्की तो कुछ स्थानों पर तेज बूंदाबांदी हुई। बूंंदाबांदी ने सिहरन काे बढ़ा दिया। हालांकि असमय बारिश से खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका है जबकि रबी की फसल के लिए यह बदलता मौसम संजीवनी का काम करेगा।
नवंबर माह में मौसम की गर्माहट के बाद बृहस्पतिवार को मौसम ने अचानक करवट लिया। पहाड़ी क्षेत्र में बर्फबारी और उत्तर भारत के कुछ राज्यों में बारिश के बाद जिले के मौसम में बदलाव हुआ।
तीन दिन में तापमान में दो डिग्री की गिरावट के साथ सिहरन बढ़ गई और जिले का अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री रहा। सुबह से बूंदाबांदी के बाद अनेक क्षेत्रों में किसान धान की फसल को बचाने की जद्दोजहद करते दिखे। धान की कटी फसल को बटोरने के साथ जो उसे सुरक्षित स्थान तक ले जाते रहे। सुबह से आसमान में बादल छाया रहा, जो शाम तक रहा। सुबह में कुछ देर के लिए करीब 11 बजे सूर्यदेव का दीदार हुआ इसके बाद पूरे दिन सूर्य बादलों के आगाेश में रहे। शाम ढलते ही लोग वाहनों की लाइट जलाकर चलाते रहे। आसमान में बादलों की मौजूदगी से अनुमान है कि अभी आने वाले दिनों में मौसम में सभी साफ नहीं हाेने वाला है।