मऊ। जनपद के कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को मंगलगीत के साथ शहनाई बजेगी। जहां जनपद के अनेक क्षेत्रों से आए 225 जोड़े मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में सात फेरे लेंगे। आयोजन के लिए प्रशासन की पूरी तैयारी चल रही है। सोमवार से ही टेंट लगने के साथ अन्य सभी तैयारी जोरों पर चलती रही।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुज कुमार ने बताया कि मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में लगभग 225 जोड़े, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग एवं सामान्य वर्ग के गरीब व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी कराई जाएगी। बताया कि विवाह के लिए किए गए आवेदन में लड़की की आयु शादी की तिथि को 18 वर्ष या उससे अधिक तथा वर के लिए 21 वर्ष की आयु होना अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में आवेदिका की ओर से अपना आवेदन विवाह के लिए निर्धारित तिथि के न्यूनतम एक सप्ताह पूर्व करना होता है। इसमें विधवा व परित्यक्ता तथा तलाकशुदा महिलाओं के पुनर्विवाह की भी व्यवस्था है। विधवा महिलाओं को आवेदन पत्र में उक्त का विवरण अंकित करने के साथ साक्ष्य के रूप में सक्षम स्तर से पति की मृत्यु का प्रमाण पत्र आनलाइन अपलोड करना होता है।
लाभार्थी का बैंक खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, राष्ट्रीयकृत बैंकों अथवा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा अधिकृत ऐसे बैंकों में खोला गया हो ताकि ई-पेमेंट के माध्यम से उनके खातों में सीधे धनराशि भेजी जा सके। ऑनलाइन आवेदन पत्र भरते समय आवेदिका को आधार कार्ड, तहसील की ओर से निर्गत आय प्रमाण से संबंधित प्रपत्र, अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के प्रकरण में जाति के प्रमाण पत्र तथा बैंक पासबुक की छायाप्रति अपलोड किया जाना अनिवार्य होता है।