अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन आराधना रानी ने हत्या के प्रयास के मामले में नामजद तीन आरोपियों में पिता-पुत्र को दोषी पाते हुए सात वर्ष का सश्रम कारावास के साथ ही कुल 22-22 हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया।
आरोपी गुल्लू यादव की मौत हो जाने के चलते उसके विरूद्ध मुकदमे की कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी। मामला कोतवाली घोसी क्षेत्र का है। मामले के अनुसार पिडऊतसिंहपुर गांव निवासी मदन राय पुत्र सागर राय की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई वादी का कथन था कि 13 अक्टूबर 2005 की रात्रि में 11:00 बजे दुर्गा पूजा के कार्यक्रम के दौरान आरोपी गुल्लू लड़कियों के साथ छेड़छाड़ कर रहा था । जिस पर उसका लड़का सज्जन राय ने मना किया। नाराज आरोपी गुल्लू यादव पुत्र जगधारी, जगधारी पुत्र गोमती और हीरा पुत्र जगधारी जान से मारने की धमकी देने लगे। गुल्लू यादव ने उसके लड़के को गोली मार दिया। जिस पर ा सज्जन राय गिर गया तो आरोपी ने उसे लाठी डंडे से मारा पीटा।
इस दौरान मौके पर मौजूद फूला पुत्री विताडी और पंकज पुत्र महेंद्र को भी तमंचे की चोटे आई। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया । कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने आठ गवाह पेश किए। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के तथा पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद उक्त फैसला दिया।