फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक ही परिवार के सात लोगों को सात साल की सजा

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक अशोक कुमार ने 14 वर्ष पूर्व जमीन विवाद को लेकर हुई मारपीट मे घायल भोला राम की गैरइरादतन हत्या के मामले में नामजद आठ आरोपियों में सात को दोषी पाते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई। साथ ही 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। वहीं, एक आरोपी की मौत होने पर उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी। अभियोजन के अनुसार, सरायलखंसी थाना क्षेत्र के अलीनगर गांव निवासी बृजेश कुमार की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि जमीन की रंजिश को लेकर छह अक्तूबर 2008 की रात साढ़े सात बजे उसके गांव के ही रामकेश, मंगरु व रामपत, विजय प्रकाश व जय प्रकाश, बालेश्वर, हरी प्रकाश और रामू लाठी डंडे और गड़ासा लेकर गाली गलौज तथा जान से मारने की धमकी देते हुए उसके घर में घुसे और उसे तथा उसके पिता भोला राम, चाचा दीपचंद को मारापीटा। जिससे पिता भोला राम तथा चाचा दीपचंद को गंभीर चोटे आईं। पिता भोला राम की बीएचयू में इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में पुलिस ने विवेचना कर आरोपपत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी अजय कुमार सिंह ने 11 गवाह पेश किए। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण रामकेश, विजय प्रकाश, मंगरु, जय प्रकाश, बालेश्वर, हरि प्रकाश और रामू को मारपीट करने तथा गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी पाते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई और साथ ही 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न जमा करने पर छह माह की और सजा भुगतने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें