मऊ। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सुरेश कुमार गुप्ता ने बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए 12 साल की सजा समेेत 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है । अभियोजन के अनुसार वादिनी मुकदमा की नाबालिग पुत्री को आरोपी 23 मार्च 2017 को रास्ते से उठाकर अपने घर ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया।
वादी की तहरीर पर पुलिस ने दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के प्यारेपुरा चंडी सागर निवासी महफूजुर्रहमान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव ने पीड़िता सहित कुल छह गवाहों को कोर्ट में पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी महफूजुर्रहमान को दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद महफूजुर्रहमान को दुष्कर्म के मामले में 12 वर्ष की सजा के साथ ही बीस हजार रुपया अर्थदंड तथा पास्को एक्ट के तहत 12 वर्ष की सजा के साथ ही बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायाधीश ने आदेश की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजे जाने का भी आदेश दिया ताकि पीड़िता को योजना के तहत क्षतिपूर्ति दिलाई जाय।