नगर के तालीमुद्दीन डिग्री कालेज में शुक्रवार को अल्पसंख्यक अधिकार दिवस मनाया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कई अहम सुझाव दिए। कई वक्ताओं ने अधिकारों के साथ कर्तव्य बोध पर ध्यान देने की जरूरत बताई।
समारोह की मुख्य अतिथि शाहीना जमाल ने कहा कि प्रदेश सरकार अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए कई अहम योजनाएं चला रही है। उन योजनाओं का अनुपालन भी सुचारु रूप से हो रहा है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों का भी दायित्व है कि वे कर्तव्यों को समझें, जाने और उन्हें अपने आचरण में लाएं।
जो जिम्मेदारियां उनके कंधों पर हैं, उन्हें बखूबी अंजाम तक पहुंचाएं । चाहे वह मदरसा के शिक्षक हों, सरकारी विभागों में मुलाजिम हों अथवा अन्य शिक्षण संस्थाओं, सेना, चिकित्सा, विज्ञान, तकनीकी अथवा किसी भी सरकारी सेवा में हों, अपने ज्ञान और कर्तव्यों से इतनी बुलंदियों पर पहुुंचाएं कि उनके नाम के साथ ही कौम भी गर्व करे। मौलाना इफ्तेखार मिफ्ताही ने कहा कि अल्पसंख्यकों के बच्चों के लिए प्रदेश सरकार जो वजीफा देती है, उसके फार्म भरने की प्रक्रिया काफी जटिल है।
इससे जिले के 12.5 फीसदी छात्र ही छात्रवृत्ति पा सके। इससे 87.5 फीसदी छात्रों को वजीफे से वंचित रह जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि इसे आसान बनाया जाए। उन्होंने इसके लिए मंचासीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को शासन को प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया।
मौलाना अब्दुल शकूर ने कहा कि पढ़ाई के अलावा अन्य कार्यों में मदरसों के शिक्षकों की ड्युटी लगा देने से शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है। एक चरण में एक कर्मचारी को चार दिन चुनाव ड्युटी में जाना पड़ रहा है। पंचायत चुनाव से फुरसत मिली तो अब नगर पालिका न नोटिस दे दिया है। फैज अहमद ने सुझाव दिया कि मदरसों अथवा अन्य शिक्षण संस्थाओं में छुट्टियां दिनोंदिन बढ़ती जा रही हैं।
इधर सर्दी बढ़ने पर एक एक महीने तक की छुट्टी दे दी जाती है। इससे पढ़ाई का बहुत नुकसान हो रहा है। एक शिक्षण सत्र में पढ़ाई का शेड्यूल तय किये जाने का सुझाव दिया जिसका समर्थन हाल में मौजूद प्रबंधकों ने तालियां बजाकर किया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी डा. विजय प्रताप यादव ने कहा कि वक्ताओं के छात्रवृत्ति के आवेदन प्रक्रिया सरल करने संबंधी अहम सुझाव शासन को भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए संचालित सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता के साथ्ज्ञ कराया जा रहा है। मदरसों में पठन पाठन पर जोर दिया जा रहा है। समारोह में टीचर्स एसोसिएशन के सेक्रेटरी मौलाना अब्दुुल हमीद ,जिला विकलांग कल्याण अधिकारी एक सिंह , बौद्ध भिक्षु तिस्सु बोधि, मास्टर इजहार आदि ने अपने विचार और सुझाव व्यक्त किए।