जिले के माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत नौवीं से 12वीं तक के छात्र छात्राओं का विस्तृत डाटा तैयार किया जाएगा। शासन की ओर से विद्यालयों से 23 बिंदुओं पर विद्यार्थियों के संबंध में जानकारी मांगी गई है। इसे आनलाइन किया जाएगा। विभाग के फार्मेट पर डाटा देने में स्कूल संचालक आनाकानी कर रहे हैं। 443 विद्यालयों की अपेक्षा 20 विद्यालयों से ही प्रपत्र प्राप्त हुआ है। डीआईओएस ने स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
जिले में 443 माध्यमिक विद्यालय हैं। इससे शासन की ओर से छात्र छात्राओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं में फर्जीवाड़ा करना आसान नहीं होगा। अब स्कूल संचालकों द्वारा उपलब्ध कराए गए डाटा को आनलाइन किया जाएगा। शासन के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से छात्र छात्राओं की संख्या सहित विभिन्न बिंदुओं पर आफलाइन पर जानकारी मांगी गई थी। अब स्कूल संचालकों से 23 बिंदुओं पर विद्यार्थियों के आंकड़े संकलन प्रपत्र फार्मेट में सीडी में मांगी गई है।
कंप्यूटराइज्ड सूचना देने से स्कूल संचालक कतरा रहे हैं। डीआईओएस ने लापरवाह प्रधानाचार्यों को चेतावनी दी है। इस बाबत जिला समन्वयक माध्यमिक शिक्षा अभियान चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव का कहना है कि विद्यार्थी आंकड़ा संकलन प्रपत्र पर डाटा उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने प्रधानाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।