मऊ जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को 'सवर्ण एकता मंच' के तत्वावधान में यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए कानून/नियमों के विरोध में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मंच से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए विजय प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि यूजीसी का यह नया कानून सामान्य वर्ग के छात्रों और शिक्षाविदों के हितों के खिलाफ है। इससे शिक्षा व्यवस्था में असंतुलन पैदा होगा और योग्य अभ्यर्थियों के अवसरों को सीमित किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस कानून की समीक्षा की जाए और सवर्ण समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए इसमें आवश्यक संशोधन किए जाएं। धरना प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग किया। साथ ही सवर्ण आयोग गठन करने की मांग किया।
प्रदर्शन के अंत में सवर्ण एकता मंच के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे इस आंदोलन को और व्यापक तथा उग्र रूप देने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान मुख्य रुप से मंच के अध्यक्ष के के पांडेय, उपाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह, मुकेश राय, संतोष सिंह, ब्रह्मानंद पांडेय, पंकज पांडेय सहित अन्य उपस्थित रहे।