दोहरीघाट। स्थानीय कस्बे से होकर गुजरने वाली सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार को 24 घंटे के भीतर नदी के जलस्तर में 25 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी के कारण कस्बे की ऐतिहासिक धरोहरों के साथ-साथ तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बाढ़ का खतरा सताने लगा है।
गौरी शंकर घाट पर शुक्रवार को सरयू नदी का जलस्तर 69.60 मीटर दर्ज किया गया, जबकि बृहस्पतिवार को यह 69.35 मीटर था। नदी का खतरा बिंदु 69.90 मीटर है। इस तरह नदी खतरा बिंदु से महज 30 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
सरयू के बढ़ते जलस्तर से दोहरीघाट की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों पर भी संकट गहराने लगा है। मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद और हनुमान मंदिर समेत कई महत्वपूर्ण स्थलों के अस्तित्व को खतरा पैदा हो गया है।
नदी का जलस्तर बढ़ने से धनौली रामपुर, नई बाजार, नौली, रामनगर, बीबीपुर, गोधनी, बेलौली, महुआबारी, रसूलपुर और सूरजपुर समेत आसपास के तटवर्ती गांवों के लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति गंभीर हो सकती है।