दोहरीघाट में स्थिर सरयू नदी का जलस्तर।संवाद
दोहरीघाट। सरयू नदी का जलस्तर 24 घंटे से स्थिर होने से लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन नदी के उग्र तेवर से खतरा बरकरार है। नदी की लहरें भारत माता मंदिर की दीवारों पर टक्कर मार रही है। नदी के खाकी बाबा की कुटी से लेकर श्मशान घाट तक बैकरोलिंग करने से कस्बा की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
शनिवार को नदी के जलस्तर में उफान के बाद रविवार को नदी का जलस्तर स्थिर रहने से लोगों ने राहत की सांस तो ली है, लेकिन नदी क खाकी बाबा की कुटी से लेकर श्मशान घाट तक बैकरोलिंग करने से तटवर्ती इलाकों के लोगों को नदी के कहर बरपाने की चिंता खाए जा रही है।
नदी के उग्र तेवर धारण करने से मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद, हनुमान मंदिर पर खतरे की घंटी बजना शुरू हो गया है।
तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नई बाजार, नौली, रामनगर, बीबीपुर, गोधनी, बेलौली, महुआ बारी, रसूलपुर, सूरजपुर सहित विभिन्न तटवर्ती इलाकों के लोग दहशत में जी रहे हैं। गौरी शंकर घाट पर नदी का जलस्तर रविवार को 69.70मी रहा। शनिवार को नदी जलस्तर 69.70 मीटर रहा। नदी अब खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 20 सेमी नीचे बह रही थी।