सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहने से दो तहसील क्षेत्र के देवारा इलाकाें के लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 30 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी खतरा निशान से 55 सेमी ऊपर बह रही है। नदी छठी बार खतरा बिंदु से ऊपर पहुंचने से दोहरीघाट कस्बा के तीन मुहल्लों में बाढ़ का पानी कभी भी घुस सकता है। मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाके के 14 और संपर्क मार्ग डूब जाने से ऐसी सड़कों की संख्या 18 हो गई है। वहीं 20 से अधिक गांव नदी के घेरे में आ गए हैं। फसल जलमग्न होने से पशुओं के लिए चारे का संकट गहराने लगा है। लोग जान जोखिम में डालकर गहरे पानी में आने जाने को विवश हैं।
तहसील प्रशासन की तरफ से लगाई गई नावें नाकाफी साबित हो रही हैं। सरयू नदी छठी बार खतरे के निशान से ऊपर बढ़ने का क्रम जारी रहने से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। 24 घंटे में सरयू के जलस्तर में 30 सेंटीमीटर बढ़ोतरी होने से नगर सहित तटवर्ती इलाके में खलबली मच गई है। कस्बा के तीन मुहल्लों में बाढ़ का पानी कभी भी घुस सकता है। नगर में पानी घुसा तो लोगों के प्रतिदिन के दिनचर्या में काफी असर पड़ सकता है। नदी का जलस्तर बढ़ने से किसानों की सैकड़ों एकड़ जलममग्न होने फसल नष्ट हो सकती है। गौरीशंकर पर नदी जलस्तर मंगलवार को 70.45 मीटर रहा। सोमवार को जलस्तर 70.15 मीटर रहा। इस तरह 24 घंटे में नदी का जलस्तर 30 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। नदी अब खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 55 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। सिंचाई विभाग के जेई जयप्रकाश यादव ने बताया की नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। स्थिति नियंत्रण में है। उधर, मधुबन तहसील क्षेत्र के सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहने से देवारा क्षेत्र के परसिया-बरोहा, चौहानपुर मार्ग, गोबरही-बइरकंटा मार्ग, भगतपुरा, विशुनपुरा, हरिलाल का पुरा सहित 18 संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। इसी तरह नरहाघाट-सुग्गीचौरी पिच रोड पर तीन फीट बाढ़ का पानी जमा हो गया है। इसी तरह कुड़िया से हाता मार्ग पर बाढ़ का पानी जमा हो गया है। देवारा क्षेत्र का दुबारी, बइकंटा, भगतका पुरा, विशुन का पुरा, सुन्नर का पुरवा, चक्कीमूसाडोही, बरोहा, कुंवरपुरवा, धुस, नकीहवा सहित 20 से अधिक गांव नदी के घेरे में आ गए हैं। तहसील प्रशासन की तरफ से लगाई गई 15 नावें ग्रामीणों के लिए नाकाफी साबित हो रही है। पर्याप्त नाव की व्यवस्था न होने से लोग जान जोखिम में डालकर गहरे पानी से होकर आने जाने को विवश हैं।
मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा के अधिकांश संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। इसके चलते आवागमन बाधित हो गया है। मुख्य मार्ग नरहाघाट से सुग्गीचौरी डेढ़ फीट से अधिक पानी भर गया है। भगत पुरवा से बिशुन पुरवा, गोबरही से बइरकंटा, बिंटोलिया से नईबस्ती के संपर्क मार्गों पर जलभराव होने से 20 से अधिक गांव बाढ़ के जद में आ गए हैं। हजारों एकड़ फसलों के जलमग्न होने से पशुपालकों के समक्ष पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। पशुपालकों को अपनी जान जोखिम में डालकर गहरे पानी से होकर आना जाना पड़ रहा है।
कई घरों में घुसा बाढ़ का पानी
दुबारी। सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के चलते बाढ़ का पानी घरों में भी घुसना शुरू हो गया है। दुबारी क्षेत्र के गजियापुर छावनी के घरों में पानी घुस गया। भेड़कुल सुल्तानपुर के जल निगम टंकी कैंपस में बाढ़ का पानी भर गया है। नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रहा तो स्थिति भयावह हो सकती है। हाहा नाला पर सरयू नदी का जलस्तर 66.24मीटर रहा। जबकि नदी का खतरा बिंदु 66.31 मीटर है।
गांवों में जरूरत के अनुसार नावें लगाई गई हैं। मांग बढ़ते ही नाव की संख्या बढ़ा दी जाएगी। सरयू नदी के जलस्तर को लेकर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।-अखिलेश कुमार यादव, एसडीएम, मधुबन