दोहरीघाट। स्थानीय कस्बे से होकर गुजरी सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी है। तटवर्ती इलाकों के खेतों में खड़ी हजारों एकड़ फसल जलमग्न होने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। तीन दिन में नदी के जलस्तर में 170 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहा तो नदी वर्ष 2022 का रिकॉर्ड तोड़ सकती है। नदी के रौद्र रूप धारण करने से ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ गया है।
24 घंटे में सरयू नदी के जलस्तर में 40 सेमी की वृद्धि की रफ्तार जारी रहने से कस्बे सहित तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो तीन दिन में नदी के जलस्तर में 170 सेमी की वृद्धि दर्ज की जा चुकी है। नदी के जलस्तर पर नजर डालें तो गौरीशंकर घाट पर मंगलवार को नदी का जलस्तर 70.40 मीटर दर्ज किया गया। सोमवार को नदी का जलस्तर 70 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। इस तरह 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 40 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 50 सेमी ऊपर बह रही थी।
नदी के जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी रहने से नगर की ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, जानकी घाट, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद, हनुमान मंदिर सहित ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। तटवर्ती इलाकों में बाढ़ से रोकने के लिए बनाए गए धनौली रामपुर लोहड़ा नवली रिंग बंधा, बीबीपुर बेलौली बंधे पर पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। नदी के तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नई बाजार, नौली, रामनगर, बहादुरपुर, जमीरा चौराडीह, पतनई, ठाकुर गांव, बीबीपुर, कोरौली, बेलोली, महुआबारी, रसूलपुर, सूरजपुर सहित विभिन्न तटवर्ती गांवों की हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है।
तटवर्ती इलाके के लोगों की मानें तो वर्ष वर्ष 2022 में नदी का जलस्तर बढ़कर 71.50 मीटर तक पहुंच गया था। घोसी और मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा में काफी नुकसान हुआ था। नदी वर्ष 2022 के रिकॉर्ड जलस्तर को छूने की तरफ बढ़ रही है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजय मात्रेय का कहना है कि नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।