सरयू इस सीजन में सातवीं बार खतरे के निशान को पार करने को बेताब दिख रही है। इससे पहले वह दो तहसीलों मधुबन और घोसी में 4631 हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा चुकी है। ऐसे में सरयू के बढ़ते जलस्तर के साथ किसानों की चिंता भी फिर से बढ़ने लगी है।
पिछले साल सितंबर माह के मुकाबले इस वर्ष सरयू नदी ने ज्यादा कहर बरपाया है। इस वर्ष नदी अक्तूबर माह में सातवीं बार खतरे के निशान को पार करने की ओर अग्रसर है। इसके चलते दो तहसीलों घोसी और मधुबन क्षेत्र के देवारा इलाकों के लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। सातवीं बार नदी यदि खतरा पार करती है तो किसानों की बची खुची फसल नष्ट हो सकती है। हालांकि जिला प्रशासन की तरफ से बाढ़ से प्रभावित 12 हजार किसानों के खाते में छह करोड़ की धनराशि भेजी जा चुकी है।
सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी रहने से घोसी और मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाकों में एक बार फिर बाढ़ आने का खतरा बढ़ता जा रहा है। पिछले साल से इस साल की तुलना करें तो आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2023 में सरयू नदी सामान्य स्थिति में रही। जबकि 30 अगस्त 2023 को सरयू नदी का जलस्तर 69.77 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। अगले दिन 31 अगस्त 2023 को जलस्तर घटकर 69.47 मीटर हो गया था। वहीं मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा में हाहा नाला के रेगुलेटर पर 30 अगस्त 2023 को जलस्तर 65.93 मीटर और 31 अगस्त 2023 को घटकर 65.20 हो गया था। देखा जाए तो बीते साल अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में सरयू का जलस्तर खतरा बिंदु 69.90 मीटर से काफी नीचे था और सितंबर माह में धीरे-धीरे सामान्य हो गया था। जबकि इस साल अक्तूबर माह में नदी खतरा बिंदु के करीब पहुंचने को बेताब नजर आ रही है। मंगलवार को गौरीशंकर घाट पर 69.63 मीटर रहा। जबकि सोमवार को नदी का जलस्तर 69.60 मीटर रहा। इस तरह 24 घंटे में नदी के जलस्तर में तीन सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी का खतरा बिंदु 69.90 मीटर है।
इन तारीखों में सरयू ने लांघी अपनी हद
बरसात के इस सीजन में सरयू नदी के खतरा बिंदु पार करने की तिथि पर नजर डाला जाए तो सरयू नदी 10 जुलाई, 22 जुलाई, 10 अगस्त, 21 अगस्त, 6 सितंबर, 16 सितंबर तक छह बार खतरा बिंदु पार कर चुकी है। इसके चलते किसानों के मेहनत कमाई की ज्यादा फसल नष्ट हो चुकी है। जिला प्रशासन की तरफ से बाढ़ के मद्देनजर अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज सिंह का कहना है कि सरयृू नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। स्थिति नियंत्रण में है।
जिला प्रशासन द्वारा कराए गए सर्वे में मधुबन तहसील क्षेत्र में 4600 हेक्टेयर और घोसी तहसील क्षेत्र में कुल मात्र 31 हेक्टेयर फसल क्षति होना पाया गया है। 12 हजार किसानों के खाते में छह करोड़ की धनराशि भेजी जा चुकी है। - सत्यप्रिय सिंह, एडीएम