जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं के आंदोलन के दौरान संसद मार्च पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और वामपंथी दलों के संयुक्त आह्वान पर बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्री मांग पत्र नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक इम्तियाज अहमद ने कहा कि देश भर में पेपर लीक, भ्रष्टाचार के लगातार जनआक्रोश बढ़ रहा है।
इन गंभीर सवालों का सरकार के पास कोई जवाब नहीं है। इसी बौखलाहट में मोदी सरकार ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे छात्रों और युवाओं को दबाने के लिए क्रूर दमन का रास्ता चुना है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि युवाओं की आवाज को लाठी-डंडों के जोर पर दबाया नहीं जा सकता। ज्ञापन सौंपने के दौरान लोगों ने छात्रों पर बर्बरता की न्यायिक जांच की मांग की।
साथ ही जंतर-मंतर और संसद मार्च के दौरान छात्रों व युवाओं पर लाठीचार्ज करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन को अब्दुल अजीम खां, देवेंद्र प्रसाद मिश्रा, राम प्रवेश यादव, रामजी सिंह, जय प्रकाश धूमकेतु और प्रसेन ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन बसंत कुमार ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से अनुभवदास, रामऔतार सिंह, रामकुमार भारती, वीरेंद्र कुमार, राम नवल, सरोज सिंह, शैलेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।