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सम्मान निधि: ग्राम स्तर पर अपात्र किसानों का चल रहा सत्यापन

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जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अपात्र किसानों की जांच पड़ताल के लिए ग्राम स्तर पर सत्यापन कार्य कराए जाने की कवायद चल रही है।जांच में अब तक मिले 7342 अपात्र किसानों से 38 लाख रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। सत्यापन में जरुरी दस्तावेज जमा न करने की स्थिति में संबंधित लाभार्थी किसानों की सम्मान निधि बंद कर दी जाएगी।
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जिले में लगभग तीन लाख प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा रहा है।
सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अपात्रों की जांच पड़ताल करने की कवायद तेज हो गई है। है। अभी तक जांच पड़ताल में सबसे अधिक पति-पत्नी, बेटे, इनकम टैक्स तथा मृतक आश्रित जमा करने वाले अपात्र उपभोक्ता शामिल हैं। अब तक मिले 7342 अपात्र किसानों से 38 लाख रुपए की रिकवरी की जा चुकी है। ग्राम स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। सत्यापन के दौरान लाभार्थी किसानों द्वारा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न कराने की स्थिति में योजना का लाभ बंद कर दिया जाएगा। सरकार की तरफ से जारी सूची के आधार पर इनको नोटिस भेजी गई थी। साथ अन्य को भी नोटिस लगातार भेजी जा रही है। इस आधार पर अपात्र लोगों के जमा करने का सिलसिला जारी है।विभागीय अधिकारियाें की मानें तो एक फरवरी 2019 के बाद रजिस्ट्री कराने वालों को किसानों को सम्माननिधि का लाभ नहीं मिलना है। इसके तहत अपात्रों की सूची लगातार बढ़ती जा रही है। यही नहीं पति-पत्नी में केवल एक ही मुखिया पात्र होगा। नाबालिग बच्चे को भी पात्रता की श्रेणी में नहीं रखा गया है। शादी होने के बाद अगर बेटी ससुराल चली जाती है तो उसको भी सम्माननिधि नहीं मिल पाएगी। अगर इस तरह के लोग सम्माननिधि पा रहे हैं तो वह सीधे अपनी निधि को सरेंडर करना होगा। ताकि उन्हें रिकवरी की कार्रवाई से मुक्त किया जा सके। जिले के ऐसे पात्र किसान जिनका लैंड सीडिंग नो प्रदर्शित हो रहा है वह अपना आधार और तहसील द्वारा निर्गत खतौनी विकास खंडों के राजकीय कृषि बीज भंडार, कृषि भवन मऊ पर जमा करें। जिन पात्र किसानों का ई-केवाईसी नो प्रदर्शित हो रहा है, वह अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र से ई- केवाइसी करा लें। जिन पात्र किसानों का बैंक खाता आधार से लिंक नहीं हुआ है वह अपने बैंक से संपर्क स्थापित कर आधार को बैंक खाता से लिंक कराने के साथ एनपीसीआइ मैपिंग भी अवश्य करा लें।


कोट
जिले में अब तक 7342 अपात्र किसानों से 38 लाख की रिकवरी की जा चुकी है। जो भी अपात्र किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। उन्हें केंद्र सरकार का बैंक अकाउंट नंबर दिया जाएगा। उसमें रिकवरी की धनराशि जमा कर दें। इसके बाद विभाग कें यूटीआर नंबर देकर विभागीय कार्रवाई से बच सकते हैं।
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- सत्येंद्र चौहान,
उपकृषि निदेशक
कृषि विभाग
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