मानसून की पहली हल्की बारिश ने मंगलवार को जिले के निकायों के सफाई के दावों की पोल खोल दी। खराब जल निकासी व्यवस्था के चलते दो निकायों के कई इलाकों में पानी भर गया।
कोपागंज नगर पंचायत में तीस मिनट की बारिश में दोस्तपुरा मोहल्ले में गली तालाब नजर आई तो घोसी के वार्ड 12 में सड़क खुद तालाब नजर आई। वहीं, नगर पालिका के सहादतपुरा मोहल्ले में पूरा रास्ता कीचड़ से सना नजर आया तो एक सड़क पर गड्ढे मानचित्र की तरह उभरे नजर आए।
इन्हीं निकायों के जिम्मेदारों ने जलनिकासी बेहतर होने से किसी तरह का जलभराव न होने का दावा किया था, लेकिन तीस मिनट की बारिश ने जिम्मेदारों के कागजी दावे की हकीकत को सामने ला दिया।
नगर की दो मुख्य सड़कों में एक पर 50 से अधिक गड्ढे, दूसरी पर कीचड़ से बढ़ी समस्या
नगर पालिका के फातिमा तिराहे से आजमगढ़ मोड़ को जोड़ने वाली 500 मीटर की स्वदेशी कॉटन मिल रोड पर 50 से अधिक गड्ढे हैं। इन गड्ढों ने इस सड़क की सूरत ही बदल दी है। जबकि दो वर्ष पूर्व ही यह सड़क बनी थी, लेकिन घटिया कार्य के चलते सड़क पर बने ये गड्ढे जिम्मेदारों की निगरानी की सक्रियता को बता रहे हैं। वहीं, सहादतपुरा में मछली मंडी होते हुए रोडवेज और मुख्य बाइपास मार्ग को जोड़ने वाली एक किलोमीटर सड़क पर कार्य कई महीने से चल रहा है, लेकिन एक माह में पूरा होने वाला कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। हल्की बारिश और धीमी रफ्तार से हो रहे कार्य के चलते यह सड़क पूरा रास्ता कीचड़ से सन गया है।
घोसी में सड़क ही बनी तालाब
नगर पंचायत घोसी के वार्ड नंबर 14 स्थित डॉ. प्रभुनाथ रोड पर मंगलवार को हुई हल्की बारिश के बाद फिर से जलभराव हो गया। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या वर्षों पुरानी है और प्रत्येक बरसात में सड़क पर पानी भर जाता है। जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। इससे कीचड़ और गंदगी फैलने से आसपास के निवासियों को भी दिक्कतें होती हैं।वार्डवासियों ने नगर पंचायत प्रशासन से सड़क की तत्काल मरम्मत और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।
कोपागंज के दोस्तपुरा में गली में भरा पानी
कोपागंज नगर पंचायत कोपागंज के दोस्तपुरा मोहल्ले में मंगलवार को महज आधे घंटे की बारिश ने नगर पंचायत के जिम्मेदारों के विकास की पोल खोल कर रख दी। बारिश से जहां सफाई की बाट जोह रहा नाला पहले चोक हो गया, वहीं बाद में ओवरफ्लो होने से पूरी गली ही तालाब में तब्दील हो गई। समस्या को लेकर मनोनीत सभासद प्रियंका सोनकर, स्थानीय निवासी तेतरी देवी, मंजू देवी, संजू सोनकर ने बताया कि यह अब हम लोगों के लिए कोई नई बात नहीं है। हर बारिश में यही हाल होता है। बारिश से पहले कागजों में नाले की सफाई हो जाती है, जबकि बारिश होते ही जिम्मेदारों के इस दावे की पोल खुल जाती है।