नगर के मऊ महादेव मंदिर घाट से चलतीं पांच मोटरबोट, जुटी लोगों की भीड़। संवाद
मऊ-दोहरीघाट। सावन के पावन महीने में गायघाट से लेकर दोहरीघाट के मुक्तिधाम तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। परिवार के साथ घाटों पर पहुंच रहे लोग पूजा-अर्चना के साथ नावों पर नौकाविहार भी कर रहे हैं।
लेकिन आस्था और भीड़ के इस माहौल में नदी में चल रही नावों की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। तमसा नदी में बिना लाइफ जैकेट और पर्याप्त दुर्घटना बचाव उपकरणों के मोटरबोट और नावों का संचालन किया जा रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ा होने के बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
सोमवार को सावन के तीसरे सोमवार पर संवाद न्यूज एजेंसी की टीम नगर के गायघाट पहुंची। अन्य दिनों की अपेक्षा यहां श्रद्धालुओं की दोगुनी भीड़ दिखाई दी।
घाट पर लोग पूजा-अर्चना के साथ मोटरबोट से गहरे पानी में नौकाविहार करते नजर आए। मौके पर संचालित पांचों मोटरबोट की पड़ताल में किसी भी नाव में लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं मिली। इतना ही नहीं, किसी मोटरबोट में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक बचाव उपकरण भी नजर नहीं आए। भीड़ और नदी के बढ़े जलस्तर को देखते हुए यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय है। यदि किसी मोटरबोट में तकनीकी खराबी आती है या कोई यात्री नदी में गिर जाता है तो तत्काल बचाव के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं होने से स्थिति भयावह हो सकती है।