नगर के डीसीएसके पीजी कालेज में लगे पुस्तक मेले में पुस्तकों को देखतीं छात्राएं।
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मऊ। जिला मुख्यालय पर डीसीएसके महाविद्यालय के प्रांगण में आयोजित पुस्तक मेले में शुक्रवार को तीसरे दिन ‘‘सड़क सुरक्षा समय की पहल’’ विषय पर विमर्श और कार्यशाला का आयोजन किया गया। विमर्श में हिस्सा लेते हुए एडीएम केहरि सिंह ने कहा कि जीवन अनमोल है ईश्वर ने हमें जीवन जीने के लिए दिया है, इसलिए इसे हमें व्यर्थ में नहीं गंवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क के नियम ब्लैक बोर्ड पर लिखी गई इबारत नहीं है बल्कि जीवन जीने का संस्कार है।
डीएफओ संजय विश्वाल ने कहा कि सरकार की तरफ से सड़क सुरक्षा के लिए जो भी नियम बनाए गए हैं वह हमारी भलाई के लिए हैं, ऐसे में हमें उनका पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा शनिवार को विमर्श का विषय वृृक्ष खेती-आत्मनिर्भर भारत का रास्ता होगा, तो रविवार को जीवन के रंग प्रकृति के संग विषय पर विमर्श के साथ कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहें डीसीएसकेपीजी कालेज के प्राचार्य डा. एके मिश्रा ने कहा कि सड़क सुरक्षा समय का सबसे ज्वलंत विषय है। पुस्तक मेले के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में सड़क सुरक्षा विषय पर विमर्श के साथ कार्यशाला का आयोजन करना विद्यार्थियों को अपने समकालीन प्रश्नों से साक्षात्कार कराना है। बोले सड़क के नियमों का पालन करने के लिए हमें संस्कार के रूप में धारण करने की जरूरत है।
कार्यक्रम को डीसीएसके महाविद्यालय के विभागाध्यक्ष हिंदी डा. सर्वेश पांडेय के साथ पुस्तक मेले के संयोजक संस्कृति कर्मी राजीव रंजन ने अपनी बातों को रखा, बोले हमारी संस्कृति पहले आप की है, यदि हम मऊ की सड़कों पर संस्कृति का पालन करें तो निश्चित तौर से दुर्घटना शून्य हो सकती है। विशिष्ट अतिथि सांख्यिकी अधिकारी रजनीश ने कह ाकि सड़क के नियमों को हमें अपने अंदर व्यवहार के रुप में जीना होगा तभी सड़क दुर्घटना से निजात मिलेगी। कार्यशाला में डीसीएसके पीजी कालेज के विद्यार्थी, अमृृत पब्लिक स्कूल, सनबीम स्कूल के छात्रों ने सड़क सुरक्षा थीम पर स्लोगन, आप बीती, दुर्घटना पीड़ित परिवारों की पीड़ा के माध्यम से सड़क की विभिषिका का वर्णन किया। कंपोजिट विद्यालय मुंशीपुरा, प्राथमिक विद्यालय दौलसेपुर रानीपुर, प्राथमिक विद्यालय कोईरीयापार, कंपोजिट विद्यालय फरसरा बुजुर्ग, प्राथमिक विद्यालय नत्थुपुर, प्राथमिक विद्यालय नत्थूपुर विद्यालय के शिक्षकों ने मेले से स्कूल के लिए किताबें खरीदी।