वर्षा जल संचयन को लेकर मऊ में जल क्रांति योजना की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत नगर के सभी नए भवनों में वर्षा जलसंचयन सिस्टम लगाने को अनिवार्य किया जाएगा साथ ही सभी सरकारी भवनों जैसे विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम योजना लागू की जाएगी। इस योजना को मऊ जल क्रांति योजना के नाम से जाना जाएगा। शुक्रवार को बंग्लोर से आई फार्मलैंड रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम रेनी नामक संस्था ने जिलाधिकारी के साथ कलेक्ट्रेट में बैठक कर प्रोजक्ट दिखाया।
शासन के निर्देश के बाद बंग्लौर से पहुंची टीम ने मऊ में जल क्रांति योजना की शुरुआत के लिए कलेक्ट्रेट में एक माडल बनाकर इसकी शुरुआत करने की मंशा जताई। संस्था के विजयराज एवं माईकल ने रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का प्रोजेक्टर के माध्यम से कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और इसके बारे में विस्तार से बताया। कहा कि जल दोहन से तेजी से भूगर्भ जलस्तर कम हो रहा है। वर्षा का पानी प्रतिवर्ष बहकर समुद्र में चला जाता है और खराब हो जाता है। इस वर्षा के पानी को अगर संचयन किया जाए तो भूगर्भ जलस्तर की समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पाया जा सकता है।
उन्होंने जिलाधिकारी को आश्वस्त किया कि इससे संबंधित एक माडल कलेक्ट्रेट में लगाया जाएगा ताकि उसी के तर्ज पर अन्य सरकारी एवं अर्धसरकारी भवनों में इसे बनवाया जाए। साथ ही नगर में बनने वाले नए भवनों की स्वीकृत देते समय इसका भी ध्यान रखने का निर्देश दिया जाए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को इसकी महत्व के बारे में बताया और संस्था के लोगों से वार्ता कर इस सिस्टम के प्रति लोगों को जागरुक करने का आह्वान किया।