मऊ। पक्की पैमाइश का आदेश होने के बाद भी महीनों से मामले को अधर में लटकाने और पैमाइश करने के लिए फरियादी से सुविधा शुल्क की मांग करने वाले राजस्व निरीक्षक को जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल ने बृहस्पतिवार को निलंबित करने का आदेश जारी किया। इस पर एसडीएम ने राजस्व निरीक्षक को निलंबित किया।
घोसी तहसील क्षेत्र के सहरोज गांव निवासी कन्हैया विवाद निपटाने के लिए पक्की पैमाइश कराने का आदेश कराया था। आदेश होने के महीनों बाद भी राजस्व निरीक्षक कोईरियापार आत्मा राम जमीन की पैमाइश करने के लिए नहीं गए। जब भी पीड़ित पैमाइश की बात करता राजस्व निरीक्षक उससे सुविधा शुल्क के रूप में दस हजार रुपये की मांग करते थे। पीड़ित के अनुसार निवेदन के बाद भी कोई सुनवाई नहीं किए। इस पर जिलाधिकारी से शिकायत किया। जिसपर जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ता और राजस्व निरीक्षक कोइरियापार को एक साथ कार्यालय बुलाया। इस दौरान डीएम के पूछने पर पीड़ित ने राजस्व निरीक्षक के सामने उनके द्वारा बोले गए शब्दों को दुहराया। पीड़ित की बातों को सुनने और पहचान करने पर जिलाधिकारी ने राजस्व निरीक्षक कोइरियापार आत्मा राम को निलंबित करने का आदेश जारी किया। इस पर एसडीएम घोसी सीएल सोनकर ने आदेश का अनुपालन कर निलंबित कर दिया।